हिमाचल / परवाणू से साेलन फाेरलेन का काम 84.60% हाे चुका पूरा, डगशाई के नीचे सेना से अभी नहीं मिल पाई जमीन

परवाणू-शिमला फोरलेन के काम में जमीन ने मिलने से बाधा आ गई है। डेमो फोटो परवाणू-शिमला फोरलेन के काम में जमीन ने मिलने से बाधा आ गई है। डेमो फोटो
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परवाणू-शिमला फोरलेन के काम में जमीन ने मिलने से बाधा आ गई है। डेमो फोटोपरवाणू-शिमला फोरलेन के काम में जमीन ने मिलने से बाधा आ गई है। डेमो फोटो

  • परवाणू-शिमला फाेरलेन को पूरा करने में जमीन ने मिलने से आ रही बाधा
  • परवाणू से साेलन फाेरलेन का काम 84.60 प्रतिशत पूरा हाे चुका है

दैनिक भास्कर

Mar 19, 2020, 11:04 AM IST

शिमला. परवाणू-शिमला फाेरलेन निर्माण कार्य में नई बाधा आ गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक डगशाई के नीचे अभी तक सेना की जमीन नहीं मिल पाई है। जानकारी के मुताबिक परवाणू से साेलन फाेरलेन का काम 84.60 प्रतिशत पूरा हाे चुका है। इस सेक्शन के कुछ भागाें पर काम धीमी गति से चल रहा है। जिसका मुख्य कारण पेड़ाें की कटान पर एनजीटी की राेक, डगशाई में सेना की जमीन का हस्तांतरण में विलंब बताया गया।

फोरलेन का कार्य

हालांकि परवाणू से साेलन तक निर्माण कार्य जारी है, लेकिन कैथलीघाट से ढ़ली तक का कार्य करने वाले ठेकेदार का कंट्रेक्ट समाप्त कर दिया है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने इस सेक्शन काे टू लेन के बजाए फाेरलेन मानक के अनुसार निर्माण करने के आदेश जारी किए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने अगले तीन महीने के अंदर बिडिंग प्राेसेस की प्रक्रिया शुरु करने काे कहा है। ऐसे में अब बिडिंग प्राेसेस प्रक्रिया पूरी हाेने के बाद ही नए ठेकेदार काे कंट्रेक्ट दिया जाएगा। इसके साथ-साथ राज्य सरकार काे लाेगाें की मुआवजा राशि वितरित करने तथा सभी प्रकार की यूटीलिटी काे हटा कर पेड़ाें की कटान कर नेशनल हाईवे अथाॅरिटी काे उपलब्ध करवाने के भी निर्देश जारी किए हैं।

जानकारी मांगी

गत दिनाें हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के दाैरान कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने सरकार से इस सड़क निर्माण बारे पूरी जानकारी मांगी थी। सरकार की ओर से दी गई गाैरतलब है कि परवाणू से शिमला के लिए तीन अलग चरणों में फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने टेंडर के जरिए फोरलेन निर्माण का कार्य सौंपा था। पहला चरण परवाणू से सोलन के चंबाघाट तक निर्धारित किया गया था। इस निर्माण को ग्रिल इंफ्रा कंपनी अंजाम दे रही है और 84.60 फीसदी निर्माण कार्य को पूरा भी कर चुकी है। दूसरे चरण का निर्माण चंबाघाट से कैथलीघाट तक किया जाना है,जिसका काम चला हुआ है।

साेलन से कैथलीघाट फाेरलेन का टारगेट 2021
साेलन से कैथलीघाट तक फाेरलेन सड़क निर्माण कार्य मात्र 12.50 प्रतिशत है। इस कार्य काे पूरा करने के लिए नेशनल हाईवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया ने छह मार्च 2021 तक का टारगेट फिक्स किया है। यानी अगले साल मई माह तक इस कार्य काे पूरा करना हाेगा। अभी तक प्रभाविताें काे राज्य सरकार ने मुआवजा राशि के लिए फैक्टर-टू लागू नहीं किया है।

अब तक हुए 2302 कराेड़ रुपए खर्च
परवाणू-शिमला फाेरलेन निर्माण कार्य पर अब तक 2302.84 कराेड़ रुपए खर्च हाे चुके हैं। केंद्र सरकार ने 31 जनवरी 2020 तक इस कार्य के लिए 4545.17 कराेड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने राज्य सरकार काे निर्देश जारी कर लंबित भूमि हस्तांतरण समेत अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी करने काे कहा है। खास कर तीसरा चरण यानी कैथलीघाट से ढ़ली फाेरलेन के लिए आगामी तीन महीने के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करनी हाेगी।

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