हिमाचल / लद्दाख की आइस हॉकी फाउंडेशन की तीन महिलाएं स्पीति में तैयार करेगी आइस हॉकी प्लेयर

हिमाचल में आइस रिंग का निर्माण किया गया है। डेमो फोटो हिमाचल में आइस रिंग का निर्माण किया गया है। डेमो फोटो
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हिमाचल में आइस रिंग का निर्माण किया गया है। डेमो फोटोहिमाचल में आइस रिंग का निर्माण किया गया है। डेमो फोटो

  • समुद्रतल से 3720 मीटर की ऊंचाई पर तैयार की 50 वाई 35 मीटर आइस हॉकी स्केटिंग रिंग
  • 20 से 30 दिसंम्बर तक लाहौल स्पीति के 45 बच्चों को ट्रेनिंग देने की तैयारी

दैनिक भास्कर

Dec 17, 2019, 10:39 AM IST

कुल्लू(गौरीशंकर). हिमाचल में 3720 मीटर की ऊंचाई पर पहली बार आइस हॉकी की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए काजा में 50 वाई 35 मीटर की आइस हॉकी स्केटिंग रिंग तैयार की गई है। जहां लद्दाख वुमन आइस हॉकी फाउंडेशन की तीन महिला खिलाड़ी लाहौल स्पीति के बच्चों को ट्रेनिंग का जिम्मा सौंपा जाएगा।

हालांकि यहां सिर्फ 10 दिनों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है लेकिन यह प्रशिक्षण लाहौल स्पीति में आइस हॉकी की संभावनाओं को भी तलाशेगा। बहरहाल, प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है। प्रशिक्षण देने के लिए लाहौल से 5 और स्पीति से 40 बच्चों का चयन किया गया है, जो 20 से 30 दिसंम्बर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में आइस हॉकी की बारीकियां सीखेंगे।

लिहाजा माना जा रहा है कि यह आइस हाकी स्केटिंग रिंग हिमाचल का सबसे ऊंचा होगा। गौरतलब है कि काजा में हुई भारी बर्फबारी के बाद प्रशासन ने आइस स्केटिंग रिंग तैयार कर स्कूली बच्चों को आइस हॉकी के प्रति उत्साहित करने के उद्देश्य से इस कदम को उठाया है। स्पीति प्रशासन के अनुसार स्पीति क्षेत्र के 40 बच्चों और पांच लाहौल के बच्चे शामिल है जिनका चयन इस प्रशिक्षण के लिए किया गया है।

शिक्षक भी लेंगे प्रशिक्षण
स्पीति में चलने वाले इस प्रशिक्षण में सिर्फ बच्चे ही नहीं बल्कि उनके साथ साथ शारीरिक शिक्षा अध्यापक को भी इसमें प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि आने वाले समय में वे भी इसकी बारीकियां सीखें और बच्चों को इसकी बारीकियां बताने में सक्ष्म हो। लिहाजा, इस प्रशिक्षण शिविर का 20 दिसंबर को कृषि सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ राम लाल मारकंडा उद्घाटन करेंगे।

लद्दाख की महिला खिलाड़ी सिखाएंगी बारीकियां
हिमाचल प्रदेश के साथ सटे लद्दाख राज्य की लद्दाख वुमन आइस हॉकी फाउंडेशन की टीम की 3 राष्ट्रीय खिलाड़ी स्टाजिन चोस्टो, रिंचेन डोलमा, टाशी डोलकर इस शिविर में बच्चों को आइस हॉकी की बारीकियां सिखाऐंगी। 10 दिन तक स्कूली बच्चों को आइस हॉकी किस तरह खेली जाती है, किन किन सावधानियों का इस्तेमाल आइस हॉकी के दौरान किया जाता है। आइस हॉकी के खेल के बारे में विस्तृत रूप से बच्चों को बताया जाएगा। ताकि उनके अंदर इस खेल के प्रति रुचि पैदा हो।
 

अधिक बर्फ रहती है स्पीति में इसलिए फायदेमंद
स्पीति का क्षेत्र साल में 5 महीने से अधिक बर्फ से ढका रहता है ऐसे में यहां के लोग किसी भी तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम है। अगर आइस हॉकी के अच्छे खिलाड़ी स्पीति में तैयार हो जाते हैं तो यह जिला ही नहीं बल्कि प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय होगा। यहां से तैयार हुए खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अगल छाप छोड़ सकते हैं।

एडीएम काजा ज्ञान सागर नेगी का कहना है कि लाहौल स्पीति जिला के खासकर स्पीति क्षेत्र में बच्चों के अंदर हॉकी के प्रति खेल भावना विकसित हो सके और हमारे इस क्षेत्र से राज्य स्तरीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ी पहुंचे इसी उद्देश्य से इस मुहिम को शुरू किया गया है। इस प्रशिक्षण के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है और प्रशिक्षण के लिए 45 बच्चों का चयन किया गया है। आगामी वर्ष में बच्चों की संख्या में इजाफा करने में प्रशासन पूर्ण प्रयास करेगा स्थानीय प्रशासन ने इसे कम से कम समय में तैयार करवाया है।

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