जोश / 11885 फुट ऊंची चूड़धार चोटी पर बर्फ के बीच ट्रेकिंग के बाद लौटा पश्चिम बंगाल का ट्रेकर दल

Trekker team from West Bengal returned after trekking amid snow on 11885 feet high Chudhar peak
Trekker team from West Bengal returned after trekking amid snow on 11885 feet high Chudhar peak
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Trekker team from West Bengal returned after trekking amid snow on 11885 feet high Chudhar peak
Trekker team from West Bengal returned after trekking amid snow on 11885 feet high Chudhar peak

  1. सुविधाओं की कमी के बावजूद साहसिक पर्यटन के रूप में उभर रहा धार्मिक स्थल चूड़धार

दैनिक भास्कर

Dec 09, 2019, 01:55 PM IST

हरिपुरधार. सुविधाओं की भारी कमी के बावजूद प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार साहसिक पर्यटन के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। 23 नवंबर के बाद हालांकि प्रशासन की ओर से चूड़धार यात्रा पर 1 मई 2020 तक रोक लगाई गई है, मगर उसके बावजूद भी ट्रेकिंग का शौक रखने वाले पर्यटक भारी संख्या में चूड़धार पहुंच रहे है।

30 नवंबर को पश्चिम बंगाल से पर्वतारोही विशेषज्ञ पंकज चौहान व राकेश चौहान की अगवाई में एडवेंचर ट्रैकरों का एक आठ सदस्यीय दल चूड़धार पहुंचा था। चूड़धार में इन दिनों दो से तीन फुट बर्फ जमी हुई है। ट्रैकरों ने चूड़धार, कालाबाग, आइनधार आदि क्षेत्रों में सात दिनों तक बर्फ के बीच ट्रेकिंग करके खूब मौज मस्ती की।

ट्रैकर कई स्थानों पर रस्सियों पर लटक पर ऊंची चोटियों तक पहुंचे। सात दिनों तक ट्रेकिंग करने के बाद रविवार को पर्यटकों का यह दल पश्चिम बंगाल को रवाना हुआ। क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार भले ही कोई भी ठोस नहीं उठा रही है। मगर बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों ने अपना इरादा जाहिर करते हुए कहा कि दल का मुख्य उद्देश्य हिमाचल में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।

साजो समान के साथ चूड़धार पहुंचा दल

पश्चिम बंगाल के ट्रैकरों का दल पूरे साजो समान के साथ चूड़धार पहुंचा था। ट्रैकर अपने साथ जो सामान ले गए थे। उसमें आक्सीजन सिलेंडर, मेडिकल किट, रहने के लिए टेंट व पहनने के लिए कपड़े शामिल थे। इसके अलावा रस्सियां व आग जलाने का सामान भी वह साथ लेकर गए थे।

चूड़धार के सबसे ऊंचे शिविर शिवलिंग की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 12300 फुट है। अधिक ऊंचाई होने के कारण वहां पर आक्सीजन की भी कमी रहती है इसलिए वहां पर आक्सीजन सिलेंडर ले जाना भी अनिवार्य है। यात्रा पर गए सभी पर्यटक प्रशिक्षित थे, इसलिए उन्हें ट्रेकिंग के दौरान किसी भी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा।

रोक हटने तक न करें यात्रा
चूड़धार यात्रा पर इन दिनों प्रशासन की ओर से रोक लगी हुई है। चूड़धार से चूड़ेश्वर सेवा समिति के सभी सदस्य भी लगभग 6 महीने के लंबे अवकाश पर अपने घर चले गए है। इसलिए अब वहां जाने वाले यात्रियों के लिए न तो खाने पाने की और न ही ठहरने की व्यवस्था है। चूड़धार में इन दिनों कभी भी बर्फबारी हो सकती है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जब तक यहां बर्फ है वे अपनी यात्रा को स्थगित रखें।
 

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