घोटाला / एचआरटीसी की बसों में अपनों से ज्यादा प्राइवेट पंपों पर भरवाया 8 करोड़ लीटर डीजल, अब शुरू हुई इसकी जांच

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  • विजिलेंस 2013 से लेकर 2017 में बसों में भरवाये गए तेल का ले रही है रिकाॅर्ड
  • भाजपा ने अपनी जार्चशीट में एचआरटीसी में हुए इस घोटाले को रखा था

Mar 29, 2019, 11:55 AM IST

शिमला. विजिलेंस ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के डीजल घोटाले की फाइल खोल दी है। भाजपा ने अपनी जार्चशीट में एचआरटीसी में हुए इस घोटाले को रखा था। सरकार से इसकी अनुमति मिलने के बाद अब इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

 

आरोप है कि पूर्व सरकार के समय में एचआरटीसी ने प्राइवेट पंपों से आठ करोड़ लीटर तेल भरवाया, जबकि अपने पंपों से मात्र एक करोड़ लीटर ही तेल भरा गया। इस तरह अपने पंपों की तुलना में करीब सात करोड़ लीटर तेल प्राइवेट पंपों से अधिक भरवाया गया।

 

जांच एजेंसी ने इस संबंध में कुछ रिकाॅर्ड ले लिया है जिसको खंगाला जा रहा है। एचआरटीसी में डीजल घोटाले को लेकर अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने इसकी फाइल खोल दी है।

 

विजिलेंस ने इस बारे में एचआरटीसी से बसों में डाले गए डीजल का रिकाॅर्ड लेना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस साल 2013 से लेकर 2017 का पूरा रिकाॅर्ड ले रही है। इसका कुछ रिकाॅर्ड ले लिया गया है, जिसको खंगाला जा रहा है।

 

विजिलेंस यह जांच रही है कि आखिर कितना डीजल शिमला, हमीरपुर, धर्मशाला और मंडी डिविजन के तहत बसों में इतने सालों में भरवाया गया।
विजिलेंस इस जांच के लिए भाजपा की जार्चशीट को भी आधार बना रही है।

 

भाजपा ने अपनी जार्चशीट में एचआरटीसी में डीजल घोटाले का मामला प्रमुखता से रखा था। आरोप है कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में एचआरटीसी प्राइवेट पेट्रोल पंपों पर खासा मेहरबान रहा है। एचआरटीसी के अपने 26 पंप विभिन्न डिविजनों में थे, इसके बावजूद प्राइवेट पेट्रोल पंपों से डीजल भरवाने का फैसला लिया।

 

प्राइवेट पंप मालिकों पर एचआरटीसी इतना मेहरबान रहा है कि इनके पंपों से करीब आठ करोड़ लीटर तेल डाला, जबकि अपने पंपों से सिर्फ एक करोड़ लीटर तेल ही डलवाया गया। आरंभिक जांच के बाद ही इस मामले में विजिलेंस इसमें एफआईआर दर्ज करेगी।

 

 

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