--Advertisement--

कैंसर को मात देने वाले बच्चों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए देखभाल और सलाह

बचपन में कैंसर हो जाए तो इलाज संभव है और यह वयस्कों में होने वाले कैंसर से अलग भी है।

Dainik Bhaskar

Nov 23, 2017, 08:06 AM IST
Care and care for children who overcame cancer go ahead in life

राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर, दिल्ली ने आज "सेलेब्रेटिंग लाइफ 2017" का आयोजन किया। इसका फोकस उन बच्चों को स्वस्थ जीवन जीने के तरीकों कोलेकर जागरूक करने पर है जिन्होंने कैंसर को हरा दिया है। आयोजन में डॉ संदीप जैन (आरजीसीआई में कन्सलटेन्ट- पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी) ने अपना नोट प्रस्तुत किया, जिसमें विषयपरिचय पेश किया गया।

बचपन में कैंसर हो जाए तो इलाज संभव है और यह वयस्कों में होने वाले कैंसर से अलग भी है। राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर, दिल्ली में अलग से पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजीविभाग है। यह विभाग डॉ गौरी कपूर के बहुआयामी नेतृत्व में चल रहा है।
- डॉ गौरी कपूर, डायरेक्टर पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी ऑन्कोलॉजी एंड मेडिकल डायरेक्टर, आरजीसीआईआरसी, नीति बाग के शब्दोंमें, "अब चूंकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे अपनी बीमारी से बाहर आ रहे हैं और सामान्य जिंदगी जी रहे हैं तो ऐसे में फोकस यह हो गया है कि ये सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे बच्चे लंबे समय तक स्वस्थजीवन जिएं।
- इसलिए ये जरूरी है कि कैंसर को हराने वाले बच्चे व उनके माता-पिता इस बात को समझें कि बीमारी और इसके इलाज का असर लंबे समय तक बना रहेगा। इसलिए हमारी यह जिम्मेदारीबन जाती है कि केयर मुहैया कराने वाले के तौर पर उन्हें उनके इलाज, इसके दुष्प्रभाव आदि के बारे में बताया जाए। इसके खतरों के असर को कम करने के बारे में भी बात की जानी चाहिए।"

- इस जुटान को इस तरह प्लान किया गया कि सारे सरवाइवर को एक मंच पर एकजुट किया जा सके। उन्हें यह मौका दिया जा सके कि वे अपना अनुभव साझा कर सकें और अपने जैसे (कैंसर को हरानेवाले) बच्चों के अनुभव जान सकें। इसमें उनके बीच जागरूकता फैलाने का मकसद भी शामिल है। इससे कैंसर को मात देने वाले बच्चों और उनके परिवार के बीच विश्वास व सहयोग का वातावरण बनानेमें सफलता मिली।

- आरजीसीआई में कंसलटेंट पीडियाट्रिक सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ शालिनी मिश्रा ने कहा, "कैंसर ठीक हो जाने के बाद बच्चों के सामने पूरी जिंदगी पड़ी रहती है। यह जरूरी है कि उन्हें हर तरह से ठीकहोने के लिए उचित देखभाल और पर्याप्त सलाह मिले।
- 2012-14 के लिए आई पीबीसीआर रिपोर्ट के मुताबिक हर उम्र के लोगों की तुलना में बच्चों में कैंसर के मामले 0.7% से 4.4% के बीच होते हैं। यहआंकड़ा 2006-2011 के बीच की रिपोर्ट की तुलना में कम है। तब यह प्रतिशत 0.5 से 5.8 के बीच था।"

- कार्यक्रम में बच्चों द्वारा नृत्य की कई प्रस्तुतियां भी दी गईं, पेशेवर विशेषज्ञों द्वारा कैरियर काउंसलिंग और लाइफ स्किल सेशंस आयोजित किए गए। साथ ही कई संगीतमय प्रस्तुतियां भी हुईं। कैंसर सेउबरे बच्चों और उनके परिवार को मौज-मस्ती भरे माहौल में तरह-तरह की जानकारियां मिलीं। इनके लिए कई स्टॉल लगाए गए थे।
- इनमें बॉडी एंड नेल आर्ट, टैटू, सेल्फी लेने जैसी सुविधाएं थीं। एककैरियर काउंसलिंग डेस्क भी बनाया गया था जहां बच्चों को बेहतर भविष्य से जुड़े विकल्पों के बारे में बताया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंत में बच्चों और अल्प वयस्कों ने, सभी मुश्किलों केबावजूद, बड़े ही उत्साहोल्लास और आत्मविश्वास के संग एक अदभुत फैशन शो की प्रस्तुति की।

X
Care and care for children who overcame cancer go ahead in life
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..