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3 माह बाद हमीरपुर अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा होगी शुरू

तीन माह बाद हमीरपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। कॉलेज प्रशासन ने...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:01 AM IST
तीन माह बाद हमीरपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए स्टाफ को ट्रेंड करने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ भेजने के आदेश दे दिए हैं। तीन माह की विशेष ट्रेनिंग लेने के बाद यह दल जैसे ही लौटेगा, हमीरपुर में डायलिसिस की सुविधा चालू हो जाएगी।

पिछले लंबे समय से डोनेट की गई दो डायलिसिस मशीनें यहां सालों से धूल फांक रही हैं। अब लगता है कि इसकी इंतजार खत्म होने को आ गई है। अस्पताल प्रशासन ने दो के अलावा 4 और डायलिसिस मशीनें यहां इंस्टॉल करने की प्रपोजल भी तैयार की है। अभी हमीरपुर में यह सुविधा जिला के दो चुनिंदा निजी अस्पतालों तक ही सीमित है। निजी क्षेत्र में यह सुविधा महंगी है। इसीलिए सरकारी सुविधा की इंतजार में बैठे मरीजों के लिए यह इंतजार अब लंबी नहीं होगी। काबिलेगौर यह है कि 2 साल से हमीरपुर में डायलिसिस सुविधा के लिए दान की गई मशीनें धूल फांक रही हैं और अब मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलने के बाद मरीजों को इसकी इंतजार काफी समय से हो गई थी। अब अस्पताल प्रशासन 4 और मशीनें यहां इंस्टॉल करने की प्रपोजल तैयार कर रहा है।

हमीरपुर के मेडिकल कॉलेज की ईमारत में शुरू होगी डायलिसिस सुविधा।

पीजीआई में होगी स्टाफ की ट्रेनिंग | डायलिसिस की ट्रेनिंग के लिए स्टाफ को चंडीगढ़ पीजीआई में भेजने के आदेश प्रिंसिपल डॉ. अनिल चौहान ने कर दिए हैं। इसके अलावा इस सुविधा को और बेहतर बनाने की प्रपोजल भी तैयार की गई है। चार और मशीनें भी लगाने की योजना है। 3 माह के बाद यह स्टाफ जब लौटेगा, तो सुविधा यहां शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा 18 लाख टॉयलेट्स को बेहतर करने की सुविधा पर खर्चे जा रहे हैं। लिफ्ट फिलहाल ऑपरेशनल कर दी गई है।

ये लोग जाएंगे | ट्रेनिंग के लिए जिस स्टाफ को भेजा जा रहा है, उनमें 3 डॉक्टर एक-एक स्टाफ नर्स और टेक्नीशियन शामिल हैं। 3 माह की ट्रेनिंग लेकर जब यह दल लौटेगा तो हमीरपुर में डायलसिस सुविधा शुरू कर दी जाएगी। बाद में कॉलेज प्रशासन इसे आउट सोर्स करने का भी प्रपोजल तैयार कर रहा है। ताकि राउंड द क्लॉक यह सुविधा मरीजों को मिल पाए।

खस्ताहाल टॉयलेट की सुधरेगी हालत | अस्पताल के पुराने टॉयलेट्स की खस्ता हालत को सुधारने के लिए कॉलेज प्रशासन ने 18 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। यह राशि पीडब्ल्यूडी के हवाले कर दी गई है और अब टेंडर प्रोसेस शुरू होगा। इसके लिए करीब 4 माह का समय तो लगेगा ही, लेकिन सबसे खस्ता हालत ग्राउंड फ्लोर पर टॉयलेट की ही है। इसे अब ठीक कर दिया जाएगा।

हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में ओपीडी हुई दोगुनी|मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ समय से मरीजों की तादाद भी अब अचानक बढ़ गई है। 80 फीसदी की ओपीडी अब रोजाना पहले के मुकाबले में बढ़ चुकी है। एक हजार से ज्यादा मरीज रोजाना ओपीडी में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद यह वृद्धि वांछित भी थी, लेकिन अभी यहां सुविधाओं के अलावा व्यवस्थाओं में भी काफी ज्यादा सुधार की गुंजाइश है। पहली समस्या तो मरीजों की तब शुरू हो जाती है, जब बे पर्ची बनवाने के लिए लाइनों में धक्के खाते हैं, और 2 से 4 घंटे उनके इसी में लग जाते हैं। यहां लाइनें शीघ्र खत्म हों और पर्ची का यह सिलसिला आओ और पर्ची पाओ की स्थिति में नहीं आएगा, तब तक मरीजों की समस्या असल रूप में हल नहीं होगी।

ट्रायल बेस पर लिफ्ट शुरू मुख्य भवन में पिछले लंबे समय से लिफ्ट की सुविधा लंबित होने की वजह से मरीजों को काफी कठिनाई झेलनी पड़ रही थी लेकिन यह सुविधा अब 2 सप्ताह से ट्रायल बेस पर शुरू कर दी गई है। लेकिन मरीजों के लिए फिलहाल सुविधा ओपन कर दी गई है।