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लाइब्रेरियां खोलने के समय में करें संशोधन

शिक्षा विभाग में लाइब्रेरियों के खुलने के समय में संशोधन किया जाए इन लाइब्रेरियों को स्कूल खुलने के साथ खोला जाए...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 03, 2018, 02:00 AM IST

शिक्षा विभाग में लाइब्रेरियों के खुलने के समय में संशोधन किया जाए इन लाइब्रेरियों को स्कूल खुलने के साथ खोला जाए और बंद भी शिक्षण संस्थान के बंद होने पर किया जाए। जरूरी हो तो स्कूल बंद होने के एक घंटे बाद तक भी इसे और बढ़ाया जाए। यह मांग हिमाचल लाइब्रेरी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिलकर की। प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रैस सचिव विजय ढटवालिया, महासचिव गौतम देव, कोषाध्यक्ष विकास ठाकुर, सह सचिव भगत सिंह शामिल थे।

विजय ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में शिक्षा विभाग में लाइब्रेरियों के रखरखाव के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट बनाया जाए, सहायक पुस्तकालयाध्यक्षों को एक समान वेतन दिया जाए, इसमें जो त्रुटि है उसे इसी बजट सत्र में दूर किया जाए। विभाग में लाइब्रेरी एक्ट बने, प्रदेश में रिक्त पड़े पदों को भरा जाए करीब 1400 स्कूलों में पद अभी भी खाली पड़े हुए हैं, 900 स्कूलों में सहायक लाइब्रेरियों के पद सृजित ही नहीं है, प्रदेश में लाइब्रेरियों के पास अपने भवन नहीं है इसके लिए योजना बनाई जाए। लाइब्रेरियों में फर्नीचर नहीं है इसे भी उपलब्ध करवाया जाए, यहां रीडिंग टेबल, रीडिंग चेयर बुकशेल्फ, न्यूजपेपर जैसी सुविधाएं सब जगह जुटाई जाए। जहां इंटरनेट सुविधा नहीं है वहां लाइब्रेरियों को इनसे जोड़ा जाए। किताबों के लिए हर साल आरएमएस के तहत 50 हजार की ग्रांट देने का प्रावधान किया जाए। लाइब्रेरी पीरियड के समय टीचर भी स्टूडेंट्स के साथ वहां आएं। लाइब्रेरी कर्मचारियों के लिए सेमिनार लगाए जाएं, हर विधानसभा क्षेत्र में एक मॉडल लाइब्रेरी खोली जाए और यह पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड हो। संघ ने मांग की है कि इस वित्तीय वर्ष में इस पायलट प्रोजेक्ट को इन मांगों के साथ मंजूरी दी जाए।

लाइब्रेरी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से मिलते हुए।

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