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समर वेकेशन में बच्चे सीखेंगे पहाड़ी पेंटिंग बनाना

गर्मियों की छुट्टियों में बच्चे घर पर बोर नहीं होंगे। समर वेकेशन में वो इस बार पहाड़ी पेंटिंग बनाना, पारंपरिक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:00 AM IST

गर्मियों की छुट्टियों में बच्चे घर पर बोर नहीं होंगे। समर वेकेशन में वो इस बार पहाड़ी पेंटिंग बनाना, पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाना या फिर आर्ट एंड क्राफ्ट जो उनकी हॉबी होगी उसे सीखेंगे। प्रदेश का भाषा एवं संस्कृति विभाग लुप्त हो संस्कृतियों को बचाने की भावी पीढ़ी से नई पहल करेगा। जिस जिला की जो ऐतिहासिक विरासत होगी उसे हॉबी क्लासेज में शामिल करके संजोने की कवायद होगी। विभाग की यह पहल जून में होने वाली गर्मियों की छुट्टियों से प्रदेश भर में शुरू होगी। हाॅबी क्लासेज में जाने से बच्चे मोबाइल और टीवी से भी दूर रहेगें उन्हें गुरुकुल जैसा माहौल देने की काेशिश की जाएगी। प्रदेश में जून माह से करीब 45 दिन की गर्मियों की छुट्टियां बच्चों को स्कूलों में पड़ती है न बच्चे या तो कुछ समय के लिए घूमने परिवार के साथ जाते हैं या फिर गर्मी की वजह से घर पर ही रहते हैं। अब बच्चों को हॉबी क्लासेज लगाने की सुविधा मिलेगी भाषा निदेशालय ने इसके लिए योजना तैयार की है। जिसमें बच्चे अपने मन के मुताबिक हॉबी कोर्सेज का चयन कर उसे कर सकेंगे। प्रदेश से जुड़ी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक चीजों को लेकर हॉबी क्लासेस लगेगी। बच्चों को पारंपरिक गायन, लोक नृत्य, पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाना सिखाया जाएगा इसके अलावा उन्हें पहाड़ी पेंटिंग भी सिखाई जाएगी इसमें कांगड़ा कलम प्रमुखता शामिल होगी। जहां जिस तरह का सिखाने वाला गुरु मिलेगा उसी चीज को वहां सिखाया जाएगा। दरअसल समर क्लासेस को शुरू करने का यह नया कांसेप्ट इसलिए शुरू किया जा रहा है ताकि प्रदेश में लुप्त हो रही लोकल संस्कृतियों और परंपराओं को संरक्षित किया जा सके। इसमें बच्चों को खास तौर पर शामिल किया जा रहा है ताकि वो इससे रूबरू हों इसके इतिहास को जानें।

गर्मियों की छुट्टियों में घर पर बोर नहीं होंगे बच्चे,मोबाइल-टीवी की दुनिया से रहेंगे दूर

स्पेशल गुरु सिखाएंगे

लोक गायन, लोक नृत्य, पहाड़ी पेंटिंग जैसी विघाओं को इस फील्ड में महारत हासिल गुरुओं के जरिए बच्चों को सिखाया जाएगा। इसके लिए विभाग इन गुरुओं को सिखाने की फीस भी देगा। जिस जिले कि जो विशेषता या इतिहास होगा उससे जुड़ी चीजें भी इन क्लासेज में सिखाई जाएंगी। समर वेकेशन के अलावा विंटर वेकेशन में भी यह क्लासें लगेंगी। जिन जिलों में गर्मियों की छुट्टियां होती है वहां गर्मियों में जहां सर्दियों में ये होती है वहां सर्दियों में हॉबी क्लासेज लगेगी।

हॉबी क्लासेज होगी शुरू

भाषा विभाग समर वेकेशन में बच्चों को प्रदेश की लोक संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए हॉबी क्लासेज शुरू करेगा। इसमें उन्हें पारंपरिक हुनर सिखाए जाएगे जिसमें लोक नृत्य, गायन, पारंपरिक वाद्य यंत्र, पहाड़ी पेंटिंग जैसी चीजें शामिल होंगी। इसके लिए विशेष गुरुओं की सेवाएं ली जाएंगी समर-विंटर दोनों तरह की वेकेशन में इन्हें लगाया जाएगा। राकेश कुमार कोरला, जॉइंट डायरेक्टर भाषा एवं संस्कृति विभाग

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