Hindi News »Himachal »Hamirpur» 1967 में 5 माह तक चाइना कैद में रहा हूं , 9 हजार पेंशन से नहीं हो रहा गुजारा: ध्यान

1967 में 5 माह तक चाइना कैद में रहा हूं , 9 हजार पेंशन से नहीं हो रहा गुजारा: ध्यान

साहब! हमारे समय चार युद्ध हुए थे। 1967 चीन युद्ध के साथ मैं भी लड़ा हूं, 5 माह तक चाइना की कैद में भी रहा हूं। अब बुजुर्ग...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:00 AM IST

1967 में 5 माह तक चाइना कैद में रहा हूं , 9 हजार पेंशन से नहीं हो रहा गुजारा: ध्यान
साहब! हमारे समय चार युद्ध हुए थे। 1967 चीन युद्ध के साथ मैं भी लड़ा हूं, 5 माह तक चाइना की कैद में भी रहा हूं। अब बुजुर्ग अवस्था में जो 9 हजार की पेंशन मिल रही है उससे परिवार का गुजारा नहीं हो पाता, इसे सरकार को बढ़ाना चाहिए। यह बात पूर्व सैनिक ध्यान सिंह ने यहां आर्मी वेस्टर्न कमांड की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उनका कहना था कि हिमाचल से भी बहुत से सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। यहां के बेरोजगार नौजवानों को वैसा हक नहीं मिल पा रहा जैसा मिलना चाहिए। उन्हें ज्यादा सेना में जाने के अवसर तभी मिल सकते हैं जब यहां डोगरा रेजीमेंट हो।

हिमाचल में डोगरा रेजीमेंट की स्थापना भी होनी चाहिए। ध्यान सिंह का कहना था कि भारत की फौज बहुत शक्तिशाली है। इस कार्यक्रम में आर्मी वेस्टर्न वेस्टर्न कमांड की ओर से कर्नल सौरभ भाटिया ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की समस्याओं को भी सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी हर समस्या को कमांडर को बताया जाएगा। वहां से चैनल सहित यह समस्याएं हल करने के लिए संबंधित विभागों को भेजी जाएंगी। आर्मी की ओर से यहां चेकअप चिकित्सा कैंप व कैंटीन की भी सुविधाएं दी गई।

नहीं मिल पाया वन रैंक वन पेंशन का पूरा लाभ : पूर्व सैनिक राजकुमार ने कहा कि वन रैंक वन पेंशन को 2016 से लागू किया गया लेकिन कुछ उच्च स्तर रैंकों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इस कारण कई पूर्व सैनिक लाभ से वंचित है। उन्होंने मांग उठाई कि एक रैंक एक पेंशन योजना से सभी को एक समान लाभ मिलना चाहिए। पूर्व सैनिक अधिकारी बृजलाल धीमान का कहना था कि पूर्व सैनिकों की बहुत सी समस्याएं हैं जिन्हें हल करने की जरूरत है। उनका कहना था कि समिति की ओर से भी उन्होंने कई बर पूर्व सैनिकों की समस्याओं को उठाया है। इस कार्यक्रम के दौरान ईसीएचएस के अधिकारी कर्नल सुभाष शर्मा ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को पोलीक्लीनिक में दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी।

पूर्व अधिकारी कर्नल एडी शर्मा का कहना था कि वेस्टर्न कमांड की ओर से इस तरह के आयोजन से पूर्व सैनिकों को नजदीक ही अपनी समस्या बताने के लिए एक बेहतर जरिया है। ज्यादा से ज्यादा पूर्व सैनिकों को इसमें भाग लेना चाहिए। उनका कहना था कि ईसीएचएस में फिजियो की सुविधा को भी जोड़ दिया गया है, क्योंकि बुजुर्ग अवस्था में पूर्व सैनिक फिजियो के लिए समस्या से दो चार होते थे।

ईसीएचएस के स्पेशलिस्ट डॉ. केके शर्मा का कहना था कि ईसीएचएस के डॉक्टर भी क्वालिफाइड है और मरीजों को चेकअप करने के बाद ही जो जरूरत के मुताबिक टेस्ट होते हैं उन्हें लिखते हैं। वहीं पूर्व सैनिक हरिश्चंद्र ने नजदीकी अस्पतालों में भी जाने की सुविधा जोड़ने की मांग को रखा।

आर्मी बेस्ट्रन कंमाड की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अपने समस्याएं बताते पूर्व सैनिक।

अब हमीरपुर में हर तीन माह बाद लगेगा कैंप

वेस्टर्न कमांड के कर्नल सौरभ भाटिया का कहना था कि हमीरपुर में इस तरह का आयोजन पहली बार किया जा रहा है। अब हर तीन माह बाद यहां इनका आयोजन किया जाएगा। जो भी पूर्व सैनिकों की समस्याएं होंगी उन्हें कमांडर को भेजा जाएगा ताकि उनका शीघ्र हल हो सके। इस मौके नि:शुल्क चिकित्सा शिविर में 3 दर्जन से ज्यादा पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के स्वास्थ्य की जांच की गई। कैंटीन की सुविधा भी मौजूद थी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Hamirpur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×