--Advertisement--

किसान विकास फेडरेशन का किया जाएगा गठन

अब किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए मार्केटिंग का भी झंझट नहीं रहेगा। क्योंकि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 02:00 AM IST
अब किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए मार्केटिंग का भी झंझट नहीं रहेगा। क्योंकि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों की एक किसान विकास फेडरेशन का गठन होने जा रहा है। इसके माध्यम से किसान अपने उत्पाद बेच सकेंगे। ऐसे में जहां किसानों को अपने उत्पाद के उचित दाम मिलेंगे, वहीं बिचौलियों से भी निजात मिलेगी। इस कड़ी में जायका और कृषि विभाग ने पांच जिलों की 210 पंचायतों को फसल विविधकरण प्रोत्साहन योजना में शामिल किया है। इनमें ऊना जिला की 19 पंचायतें शामिल हैं। योजना का उद्देश्य नई फसलों को बढ़ावा देना और मार्केटिंग को सुदृढ़ करना है। सिंचाई व्यवस्था को भी दुरुस्त किया गया है। इन जिलों के किसान अपने उत्पाद शेयर कर सकें, इसके लिए हिमाचल प्रदेश किसान विकास फेडरेशन गठित होगी। योजना के तहत फसलों को बढ़ावा देने के लिए किसान विकास एसोसिएशन और महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। जिनसे लगभग 6500 परिवार जुड़े हुए हैं।

हर कलस्टर की अपनी फसल: पांच जिलों के किसानों को 41 कलस्टर में बांटा जाएगा। प्रत्येक कलस्टर की अपनी फसल होगी। सभी कलस्टर का गठन आठ ब्लॉकों ने किया है। इन ब्लॉकों के चुने हुए कृषकों की एक फेडरेशन बनेगी। इसके लिए पंचायत स्तर पर ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है।

कलस्टर स्तर पर चुनाव: किसान विकास एसोसएिशन में प्रगतिशील किसानों को चुना गया है। जबकि कलस्टर लेबल के किसानों के चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। आखिर में फेडरेशन का चुनाव होगा, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक के संगठन से किसान चुनकर आएंगे। चुनाव प्रक्रिया को नौ माह में पूरा किया जाएगा। इसका जिम्मा स्वां वूमेन फेडरेशन ऊना को दिया गया है। क्योंकि स्वां फेडरेशन ने सबसे पहले प्रदेश की कृषक महिला फेडरेशन का गठन किया था। जो अपनी सफलता की इबारत लिख रही है। स्वां वूमेन फेडरेशन का गठन भी जायका के माध्यम से हुआ था। इसके कुल 550 स्वयं सहायता समूह हैं, जिससे साढ़े आठ हजार महिलाएं जुड़ी हुई हैं।

पांच जिलों की 210 पंचायतों को होगा फायदा, वहीं बिचौलियों से भी निजात मिलेगी