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डाइट में दो प्रिंसिपलों की खींचतान में फंसा स्टॉफ

Hamirpur News - गौना-करौर स्थित डाइट संस्थान दो प्रिंसिपलों की खींचतान में स्टाफ फंस कर रह गया है। इस आपसी लड़ाई में संस्थान के...

Dainik Bhaskar

Apr 15, 2018, 02:00 AM IST
डाइट में दो प्रिंसिपलों की खींचतान में फंसा स्टॉफ
गौना-करौर स्थित डाइट संस्थान दो प्रिंसिपलों की खींचतान में स्टाफ फंस कर रह गया है। इस आपसी लड़ाई में संस्थान के सुपरिटेंडेंट अब लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। वहीं दूसरे कर्मचारी भी अवकाश पर जाने की तैयारी कर रहे है। वजह यह है कि एक दिन पूर्व ही संस्थान के अकाउंटेंट भी इस खींचतान में फंसकर खामियाजा भुगत चुके हैं। उनसे स्कूलों को राशि जारी करने को लेकर जवाब तलब किया गया है। अन्य कर्मचारी इस झमेले से खुद को दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बेवजह का विवाद उनके गले में न पड़ जाए। पुराने प्रिंसिपल ने अकाउंटेंट के अलावा नए प्रिंसिपल को भी नोटिस जारी कर संस्थान के कामों में हस्तक्षेप न करने को कहा है, इससे विवाद और उलझ गया है। प्रिंसिपल की कुर्सी को लेकर जगदीश कौशल और राजेंद्र पाल दोनों में खींचतान चल रही है। दोनों प्रिंसिपलों की ट्रांसफर का यह मामला ट्रिब्यूनल में पेंडिंग है और इसकी अगली सुनवाई 24 अप्रैल को रखी गई है। नए प्रिंसिपल के आदेशों की पालना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का पहला नतीजा अकाउंटेंट को भुगतना पड़ा है। संस्थान में कर्मचारी भी दो खेमों में बंट गए हैं और उन्होंने इस मामले को लेकर बैठक भी की है। जगदीश कौशल ने आईसीटी वाले 67 स्कूलों को 14 लाख 76,000 की राशि स्कूलों के खाते में ट्रांसफर करने पर एसएसए-आरएमएसए के अकाउंटेंट से जवाब तलबी की है, इससे मामला काफी उलझ गया है। नए प्रिंसिपल राजेंद्र पाल ने भी साफ कर दिया है कि उन्हें किसी भी तरह से इस राशि को जारी करने को लेकर जवाब तलबी नहीं की जा सकती है और यह पुराने प्रिंसिपल के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। ट्रिब्यूनल के अंतिम फैसले की ही पालना की जाएगी, जल्द ही अगर दो प्रिंसिपल के बीच खींचतान का यह मामला नहीं सुलझा तो स्टाफ के लिए भी दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं।

अकाउंट का संचालन नए प्रिंसिपल के हस्ताक्षर से

हालांकि अकाउंटेंट ने पुराने प्रिंसिपल के नोटिस का जवाब भी दे दिया है और कहा है कि 15 मार्च 2018 से एसएसए-आरएमएसए के अकाउंट का संचालन नए प्रिंसिपल राजेंद्र पाल के हस्ताक्षर से ही किया जा रहा है और उन्हीं के हस्ताक्षर के नमूने बैंक में ऑपरेशनल है। नियमानुसार एसएसए-आरएमएसए की पेमेंट इस सिस्टम से जारी या स्थानांतरित की जा सकती है।

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