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बस स्टैंड से निकलते समय कम रफ्तार फिर ओवरस्पीड में चलते हैं बस चालक

जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से निकलते ही निजी बसों की ओर से नियमों की अवहेलना शुरू हो जाती है। यह क्रम रुट्‌स तक...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:00 AM IST
जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से निकलते ही निजी बसों की ओर से नियमों की अवहेलना शुरू हो जाती है। यह क्रम रुट्‌स तक जारी रहता है, लेकिन इन पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा। पहले 5 से 7 किलोमीटर तक तो बेहद सुस्त रफ्तार और फिर शुरू हो जाता है ओवरस्पीड का क्रम। लगता किसी को भी यात्रियों की परवाह नहीं। ऐसा हमीरपुर में ही नहीं हो रहा। जिले के सुजानपुर, नादौन, गलाेड़, भोटा से लेकर दूसरे स्थानों पर भी है। आए दिन निजी और निगम बसों के परिचालकों और चालकों के बीच नोक-झोंक का क्रम तेजी पकड़ रहा है। क्षेत्रीय परिवहन विभाग की ओर से इन आपरेटर्ज को चेतावनियां देने का भी असर नहीं दिखता।

न टिकट न वर्दी : हालत तो यह है कि कई निजी बसों में यात्रियों को न तो टिकट थमाए जा रहे हैं, न ही चालक-परिचालक वर्दियों का पहन रहे हैं। ऐसा भी नहीं कि विभाग की ओर से इनके चालान न काटे गए हों, लेकिन नियमों की अनदेखी करना दिनचर्या बन चुकी है। सोमवार को भी सुबह सुजानपुर बस स्टैंड पर संधोल से हमीरपुर बस पीछे से ही लेट आने के कारण निजी आपरेटर्ज ने बस स्टैंड पर विरोध जताना शुरू कर दिया। यहीं नहीं हमीरपुर से सुजानपुर रूट पर तो आए दिन बस ऑपरेटर्स के झगड़े होना भी आम बात हो गई है। यहां हमीरपुर से चौकी, पक्काभरो, दोसड़का तक तो निजी बसें पहले धीरे-धीरे और बाद में ओवर स्पीड चल रही हैं। सुजानपुर से भी पहले भलेठ तक टाइम के चक्कर में बसों की बेहद सुस्त रफ्तार से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई निजी बसों के परिचालकों को व्यवहार भी यात्रियों से ठीक न होने की शिकायतें विभाग का पहले ही पहुंचती रही हैं। नजदीकी क्षेत्रों के यात्रियों को बसों में बिठाने में भी आनाकानी कर रहे हैं।



सिटी रिपोर्टर | हमीरपुर

जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से निकलते ही निजी बसों की ओर से नियमों की अवहेलना शुरू हो जाती है। यह क्रम रुट्‌स तक जारी रहता है, लेकिन इन पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा। पहले 5 से 7 किलोमीटर तक तो बेहद सुस्त रफ्तार और फिर शुरू हो जाता है ओवरस्पीड का क्रम। लगता किसी को भी यात्रियों की परवाह नहीं। ऐसा हमीरपुर में ही नहीं हो रहा। जिले के सुजानपुर, नादौन, गलाेड़, भोटा से लेकर दूसरे स्थानों पर भी है। आए दिन निजी और निगम बसों के परिचालकों और चालकों के बीच नोक-झोंक का क्रम तेजी पकड़ रहा है। क्षेत्रीय परिवहन विभाग की ओर से इन आपरेटर्ज को चेतावनियां देने का भी असर नहीं दिखता।

न टिकट न वर्दी : हालत तो यह है कि कई निजी बसों में यात्रियों को न तो टिकट थमाए जा रहे हैं, न ही चालक-परिचालक वर्दियों का पहन रहे हैं। ऐसा भी नहीं कि विभाग की ओर से इनके चालान न काटे गए हों, लेकिन नियमों की अनदेखी करना दिनचर्या बन चुकी है। सोमवार को भी सुबह सुजानपुर बस स्टैंड पर संधोल से हमीरपुर बस पीछे से ही लेट आने के कारण निजी आपरेटर्ज ने बस स्टैंड पर विरोध जताना शुरू कर दिया। यहीं नहीं हमीरपुर से सुजानपुर रूट पर तो आए दिन बस ऑपरेटर्स के झगड़े होना भी आम बात हो गई है। यहां हमीरपुर से चौकी, पक्काभरो, दोसड़का तक तो निजी बसें पहले धीरे-धीरे और बाद में ओवर स्पीड चल रही हैं। सुजानपुर से भी पहले भलेठ तक टाइम के चक्कर में बसों की बेहद सुस्त रफ्तार से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई निजी बसों के परिचालकों को व्यवहार भी यात्रियों से ठीक न होने की शिकायतें विभाग का पहले ही पहुंचती रही हैं। नजदीकी क्षेत्रों के यात्रियों को बसों में बिठाने में भी आनाकानी कर रहे हैं।

विभाग कसे शिकंजा

यात्रियों भूपेंद्र सिंह, राजेश कुमार, बिपाशा, कौशल्या देवी, राजेश्वरी देवी, कुलदीप चंद, अरुण कुमार, ठाकुर दास व पंकज का कहना है कि निजी बसों को पहले चालक स्लो और फिर रास्ते में टाइम कवर करने के लिए ओवर स्पीड दौड़ा देते हैं, जिस कारण रास्तों में दुर्घटनाओं का भी अंदेशा बना रहता है। उनका कहना है कि विभाग को शिकायतें करने के बाद भी कई निजी बस ऑपरेट्‌र्स नजदीकी क्षेत्रों के यात्रियों को नहीं बिठाते जिस कारण लोगों को समस्या से दो-चार होना पड़ता है, इससे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली महिलाओं को तो बसों के लिए लंबा इंतजार करने पर विवश होना पड़ रहा है। उन्होंने आरटीओ से इन ऑपरेट्‌र्स पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है।