• Hindi News
  • Himachal Pradesh News
  • Hamirpur News
  • कई निजी स्कूलों की बसों के स्पीड गवर्नर निकाले, ज्यादा स्पीड से दौड़ाई जा रही बसें
--Advertisement--

कई निजी स्कूलों की बसों के स्पीड गवर्नर निकाले, ज्यादा स्पीड से दौड़ाई जा रही बसें

जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों के निजी स्कूलों की बसों में जम कर नियमों की अवेहला हो रही है। बच्चों काे...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:00 AM IST
कई निजी स्कूलों की बसों के स्पीड गवर्नर निकाले, ज्यादा स्पीड से दौड़ाई जा रही बसें
जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों के निजी स्कूलों की बसों में जम कर नियमों की अवेहला हो रही है। बच्चों काे स्कूलों से लाने-ले जाने वाली इन बसों से स्पीड गर्वनर को ही निकाल दिए गए हैं। जाहिर है इससे वह नियमों के खिलाफ ज्यादा स्पीड भी दे रहे हैं। कुछ बसों काे चला रहे ड्राइवर के पास लाइसेंस ही नहीं है। इस बात का खुलासा आरटीओ की साेमवार को जांच के दौरान हुआ है। करीब एक दर्जन बसों के निजी स्कूल प्रबंधन को अब क्षेत्रीय परिवहन विभाग की ओर से नोटिस जारी होंगे और उनसे जवाब भी मांगा जाएगा। सोमवार को आरटीओ के नेतृत्व में टीम ने शहर के समीप ही सड़कों पर दौड़ रही इन स्कूली बसों में चैंकिग अभियान चलाया, तो हैरान करने वाले यह खुलासे सामने आए हैं।

ये खामियां आईं सामने

आरटीओ की चैंकिग के दौरान करीब 12 अलग-अलग स्कूलों की बसों को चैक किया गया। 3 बसों से तो स्पीड़ गर्वनर ही निकाले पाए गए। जबकि नियमों के तहत यह लगाना इस लिए जरुरी है, क्योंकि इसके तहत 40 से ज्यादा स्पीड नहीं हो सकती। इसको निकालने पर यह पता नहीं चल सकता कि इन बसों को कितनी स्पीड पर दौड़ाया जा रहा है। इसके अलावा एक बस के चालक के पास ड्राईविंग लाइसेंस ही नहीं था।

यहीं नहीं एक बस का तो एक निजी स्कूल ने एसआरटी टेक्स ही नहीं भरा था। इसके अलावा कुछ गाडियों की तो रजिस्ट्रेशन ही नहीं थी। लगता है नुरपुर स्कूली बस हादसे से भी यह निजी स्कूल सबक नहीं ले रहे हैं और नियमों की जम कर अवेहलना करने से गुरेज नहीं कर रहे। अब चूंकि इन सभी स्कूलों को नोटिस जारी होंगे, उसके बाद दस्तावेज न दिखाने या अवेहलना करने पर कार्रवाई होगी। वैसे इन जांचों की सीधी रिर्पोट विभाग के निदेशालय के अलावा सरकार को भी भेजी जा रही है।

स्कूल वाहन चालक के पास बस ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी

स्कूली बसों के निरीक्षण को शुरू होगा अभियान

सिटी रिपोर्टर | हमीरपुर

जिला प्रशासन द्वारा 22 अप्रैल तक स्कूली बसों के निरीक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह बात एडीसी रतन गौतम ने सभी ब्लाॅकों की एसडीएम की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। गौतम ने बताया कि वाहनों को लेकर सुरक्षा मापदंड बनाए गए हैं। प्रत्येक स्कूल वाहन का रंग पीला होना चाहिए। वाहन के दोनों ओर स्कूल का नाम अंकित हो। वाहनों के आगे व पीछे स्कूल बस लिखा हो। चालक का नाम व पता लाइसेंस नंबर और बैच नंबर भी वाहन में लिखा हो। स्कूल वाहन की खिड़कियों में ग्रिल लगाना अनिवार्य है। प्रत्येक वाहन में आपातकालीन दरवाजे सुनिश्चित किए जाना जरुरी हंै। सभी स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर लगे होने चाहिए और वाहन की अधिकतम स्पीड 40 से अधिक न हो।

वाहनों में आईएसआई मार्क के अग्निशमन उपकरण होने चाहिए। वाहनों की सीटें गैर-दहनशील उत्पाद से बनी हों, बस में जीपीएस व सीसीटीवी की व्यवस्था होना जरूरी है। प्रत्येक स्कूल में ट्रांसपोर्ट मैनेजर की तैनाती करना जरूरी है, ये प्रबंधक समय-समय पर स्कूल वाहनों का सुरक्षा संबंधी विवरण इक्ट्ठा करें। स्कूल वाहन चालक के पास बस ड्राइविंग लाइसेंस व कम से कम पांच साल के अनुभव व परिचालक के पास भी लाइसेंस होना जरूरी है। वाहन चालक का हर साल वर्ष मेडिकल टेस्ट जरूरी है। बसों में अलार्म और लेडी गार्ड की तैनाती किया जाना भी अनिवार्य है। कोई भी स्कूल बिना परमिट के किसी भी वाहन को बच्चों के यातायात की इजाजत नहीं दे सकता।

स्टेट ट्रांसपोर्ट विभाग से वाहन का परमिट करवाना अनिवार्य है। सभी स्कूल वाहनों और उसमें सवार बच्चों का इंश्योरेंस करवाना जरूरी है। अगर किसी चालक का साल में दो बार सड़क नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आता है या फिर पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज होता है, तो उसे तत्काल सेवाओं से हटाना जरूरी है। वाहन में 12 साल से ऊपर के बच्चों को एक आदमी के तौर पर ट्रीट किया जाएगा। वाहन में बच्चों को जबरन ठूंसा नहीं जाएगा। किराए पर चलाए जा रहे स्कूल वाहनों के मामले में स्कूल प्रबंधन को ट्रांसपोर्टर के बीच एग्रीमेंट होना चाहिए।

हमीरपुर-एडीसी र| गौतम सभी ब्लाॅकों के एसडीएम की बैठक की अध्यक्षता करते हुए।


X
कई निजी स्कूलों की बसों के स्पीड गवर्नर निकाले, ज्यादा स्पीड से दौड़ाई जा रही बसें
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..