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सामाजिक न्याय सरल बनाने को करें प्रयास : दीपक

सामाजिक न्याय को सुलभ बनाने के लिए न्यायिक अधिकारी संविधान की प्रस्तावना में निहित न्याय दर्शन को ध्यान में रख कर...

Bhaskar News Network| Last Modified - Apr 22, 2018, 02:00 AM IST

सामाजिक न्याय सरल बनाने को करें प्रयास : दीपक
सामाजिक न्याय सरल बनाने को करें प्रयास : दीपक
सामाजिक न्याय को सुलभ बनाने के लिए न्यायिक अधिकारी संविधान की प्रस्तावना में निहित न्याय दर्शन को ध्यान में रख कर कार्य करें। आवश्यक है कि न्याय प्रणाली से जुड़े सभी अधिकारी सामाजिक न्याय सुलभ बनाने के लिए प्रयास करें। यह उद्गार शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने धर्मशाला के डीआरडीए हाल में हिमाचल प्रदेश न्यायिक अकादमी द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला की दूसरी कड़ी में उपस्थित न्यायाधीशों व न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल एवं न्यायाधीश न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी भी उनके साथ उपस्थित रहे। व्याख्यानमाला का उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों का बैकलॉग कम करने व त्वरित न्याय दिलाने में सुधारों के लिए अपनाई जा सकने वाली प्रणाली से अवगत करवाना था। कार्यक्रम में कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों के 73 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने न्यायिक अधिकारियों से लोगों को उनके अधिकारों बारे अवगत करवाने और उन्हें अधिकारों को प्राप्त करने के रास्ते सुझाने के लिए प्रयास करने को भी कहा।

उन्होंने मौजूद सदस्यों को न्यायालय के प्रभावी प्रबंधन एवं मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी एवं सुझाव दिए। उन्होंने पब्लिक पोर्टल राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (एनजेडीजी) के समुचित उपयोग पर बल दिया ताकि लंबित मामलों की आसानी से निगरानी की जा सके और इनका त्वरित निपटारा संभव हो। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल ने अपने संबोधन में न्यायिक दर्शन पर बात की और सभी को न्याय प्राप्त करने के समान अवसरों पर जोर दिया। उन्होंने न्याय प्रणाली को अधिक कारगर एवं गतिशील बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का समुचित उपयोग करने पर भी बल दिया। प्रदेश की सभी अदालतों को राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (एनजेडीजी) से जोड़ा गया है साथ ही न्यायालयों का कम्प्यूटरीकरण सुनिश्चित किया गया है। न्यायमूर्ति धर्म चंद चौधरी ने न्यायालयों के प्रभावी प्रबंधन को लेकर अपने अनुभव सांझा किए एवं प्रबंधन बारे अनेक बहुमूल्य सुझाव दिए।

बैकलॉग कम करने व त्वरित न्याय दिलाने में सुधारों के लिए आयोजित की व्याख्यानमाला

धर्मशाला : सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता दीप प्रज्जविलत करते हुए।

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