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सरकार आरक्षित वर्ग के विरोध में फैसला लेने से करे गुरेज: भाटिया

प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण के विरोध में फैसला लेने से गुरेज करे। कुछ एक वर्ग सरकार सहित...

Danik Bhaskar | Apr 23, 2018, 02:00 AM IST
प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति और जनजाति के आरक्षण के विरोध में फैसला लेने से गुरेज करे। कुछ एक वर्ग सरकार सहित उच्चाधिकारियों को गुमराह करने के लिए झूठे आंकड़े पेश कर रहे हैं। यह वर्ग जानता है कि सरकार फिलहाल धैर्य से काम ले रही, लेकिन कहीं उनके बहकावे में आकर ऐसे कदम न उठा दिए जाएं, जिससे आरक्षित वर्ग कभी सरकार को माफ न करे। यह बात हिमाचल एसएसी एसटी सरकारी कर्मचारी कल्याण संघ की जिला स्तरीय बैठक में प्रदेश संघर्ष कमेटी चेयरमैन के पद की कमान संभालने के बाद ज्ञान चंद भाटिया ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो कहा जा रहा 60-70 साल में आरक्षित वर्ग को बहुत लाभ दे दिए गए, लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले 20 साल से यह वर्ग उपेक्षा का दंश झेल रहा है, जो भी सरकार आई उसने हर विभाग में बैक डोर एंट्री करके बगैर रोस्टर के हजारों अस्थाई भर्तियां आजतक कीं, जिनको अनुबंध पर लाकर रेग्युलर कर दिया गया। शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा टीचर वर्ग में ऐसा हुआ, जो बैकलॉग बनता उसे नहीं भरा जा रहा, इसलिए आरक्षण के विरोध में फैसला लेने से गुरेज किया जाए। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार की अध्यक्षता मंे हमीरपुर रेस्ट हाउस में हुई इस बैठक में बधेश ने बतौर मुख्यातिथि शिकरत की। बैठक में अशोक कुमार और बधेश ने कहा कि सरकार ठेकेदारी प्रथा को तुरंत बंद करे, इससे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। आउट सोर्स में रोस्टर लागू किया जाए और नीति बनाकर समय पर रेग्यूलर किया जाए।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में विशेष अतििथ के रूप में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हरि राम हीर, कुलवीर नराेता, जीसी भाटिया, मुख्य संगठन सचिव दिनेश सहगल, महिला विंग अध्यक्षा विजय लक्ष्मी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष होशियार सिंह भारती, राेहित कुमार सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।