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प्रशासन दो दिन में पक्का भरो से हटाए ठेका, वरना आंदोलन

एडीसी साहब पक्का भरो में खुले ठेके के कारण आए दिन इस इलाके में लड़ाई व झगड़े हो रहे हैं। एक दिन पूर्व भी दो युवकों को...

Dainik Bhaskar

Apr 26, 2018, 02:00 AM IST
प्रशासन दो दिन में पक्का भरो से हटाए ठेका, वरना आंदोलन
एडीसी साहब पक्का भरो में खुले ठेके के कारण आए दिन इस इलाके में लड़ाई व झगड़े हो रहे हैं। एक दिन पूर्व भी दो युवकों को ठेके के नजदीक कुछ लोगों ने बुरी तरह से पीट कर उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया। अगर दो दिन के अंदर ठेका बंद करके वहां से शिफ्ट नहीं किया गया तो पक्का भरो चौक पर बस्सी-झनियारा पंचायत के ग्रामीण धरने पर बैठ जाएंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

मारपीट की घटना और ठेके को बंद करवाने को लेकर बुधवार को बस्सी-झनियारा पंचायत के दर्जनों ग्रामीण एडीसी र| गौतम से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा है कि जिन लोगों ने मारपीट की है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अभी तक किसी के खिलाफ कुछ नहीं हुआ है। मारपीट करने वाले प्रभावशाली लोग हैं, एडीसी ने मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन को 27 अप्रैल तक पक्काभरो स्थित ठेके को बंद कर दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि दो दिनों में कार्यवाही नहीं की गई, तो ग्रामीण ठेके के बाहर धरने पर बैठ जाएंगे। मंगलवार शाम भी काफी तादाद में पंचायत के ग्रामीणों ने दो युवकों के साथ हुई मारपीट की घटना में पुलिस के ढीले रवैए के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया था। कहा था इस मामले में संबंधित मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है। पीड़ितों का प्रॉपर मेडिकल नहीं करवाया गया, वहां खुले ठेके की वजह से आए दिन लड़ाई-झगड़े हो रहे हैं।

ठेका बंद करने और मारपीट के आरोपियों को पकड़ने की मांग को लेकर एडीसी से मिलते लोग।

शराब ठेके के नजदीक हैं अस्पताल और स्कूल, शिफ्ट किया जाए

पंचायत प्रधान ओमा देवी, डीसीसी प्रधान नरेश ठाकुर ग्रामीणों राजेंद्र सिंह, रमन कुमार, राजेश, राजीव, रवि, विशाल ठाकुर, गुलशन, अनिल ठाकुर, रितेश ठाकुर, रोहित, वीरेंद्र सिंह, संतोष, मंजू सागरा, अनीता, उपप्रधान रमेश चंद, वार्ड सदस्य अंजना, पंकज व आशीष का कहना है कि जिस जगह ठेका खुला है, वहां नजदीकी अस्पताल और एक सरकारी स्कूल है। ठेके को वहां से दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जाए ताकि आए दिन की इस परेशानी से निजात मिल सके। ठेका एनएच से कितनी दूरी पर है, इस पैरामीटर को भी संबंधित विभाग निरीक्षण कर दोबारा से चेक करे। कुछ नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन इसके खिलाफ धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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