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बुजुर्ग अवस्था में लाठी के सहारे पूर्व सैनिकों को लगानी पड़ रही लंबी दौड़

Hamirpur News - नाम सेवानिवृत्त सूबेदार ध्यान सिंह, उम्र 89 साल। इस तपती गर्मी में लाठी के सहारे दो किलोमीटर पैदल चल कर, पहले...

Dainik Bhaskar

Apr 28, 2018, 02:00 AM IST
बुजुर्ग अवस्था में लाठी के सहारे पूर्व सैनिकों को लगानी पड़ रही लंबी दौड़
नाम सेवानिवृत्त सूबेदार ध्यान सिंह, उम्र 89 साल। इस तपती गर्मी में लाठी के सहारे दो किलोमीटर पैदल चल कर, पहले ईसीएचएस में बुजुर्ग अवस्था के कारण तेज दर्द व चलने- फिरने की समस्या को लेकर दवाइयां ली। फिर कैंटीन की ओर जाना इसलिए पड़ा, क्योंकि वहां नया कैंटीन कार्ड जो बनाना है, नहीं तो यह सुविधा बंद हो जाएगी।

ध्यान सिंह के अलावा यहां ईसीएचएस में उपचार को पहुंची सलोचना देवी (74) प्रकाश चंद (82) सहित कई पूर्व सैनिकों का कहना था कि एक छत्त तले ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक, कैंटीन, पूर्व सैनिक कल्याण निदेशालय व पूर्व सैनिक कल्याण विभाग होते तो वहीं सारी सुविधाएं ले कर घर चले जाते, लेकिन यहां अलग-अलग दिशाओं में होने के कारण दो-दो किलोमीटर पैदल चल कर पहुंचना पड़ रहा है।

ऐसे सभी पूर्व सैनिक व उनके आश्रित इसी समस्या से रोजाना दो-चार हो रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि एक छत्त तले यह तमाम सुविधाएं देने की योजना अभी धरातल पर नहीं उतर पाई है।

दरअसल ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के साथ करीब 35 हजार पूर्व सैनिक और उनके आश्रित जुडे़ हुए हैं, जो यहां उपचार को आते हैं। जाहिर है खास कर ग्रामीण क्षेत्रों से जो पात्र यहां कार्य के लिए आते हैं, उन्हें यहां बस स्टैंड शहर के मध्य में स्थित है, वहां बसों से उतर कर स्वास्थ्य सुविधा लेने के लिए भौटा चौक की ओर तो पूर्व सैनिक कल्याण विभाग के लिए मेन बाजार स्थित सब्जी मंडी के पास, निदेशालय से लेकर कैंटीन तक के लिए नादौन रोड़ की ओर पैदल ही जाने पर विवश होना पड़ता है। इन सभी की आपसी दूरी एक से दो किलोमीटर तक है, जो पात्र लोगों की समस्या को ओर बढ़ा देती है। निदेशालय की ओर से काफी समय पहले योजना बनाई गई थी कि इन सभी को एक छत्त तले किया जाए, लेकिन वह अभी तक भी पूरी नहीं हो पाई। यहां कार्य को आए पूर्व सैनिक अशोक कुमार, राजेश ठाकुर, विश्नदास, वीर नारी कौशल्या देवी, सिमरो देवी, विश्भरी देवी सहित कई पूर्व सैनिकों व आश्रितों का कहना है कि इस बड़ी समस्या के हल के लिए सरकार को भी ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि उनकी समस्या का हल हो सके।

हमीरपुर: ईसीएचएस में एक बुजूर्ग पूर्व सैनिक लाठी के सहारे स्वास्थ्य सुविधा लेने जाते हुए।

संगठनों की मांग अब तो कुछ करो | पूर्व सैनिक लीग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कर्नल एसकेएस चंबयाल का कहना है कि एक छत्त तले सारी सुविधाएं मुहैया हों तो लंबी दौड़ लगाने से कई बुजुर्ग पूर्व सैनिकों को निजात मिल सकती है। लीग की ओर से भी मामले को उठाया गया है। इसका शीघ्र समाधान किया जाना जरूरी है। वहीं पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष स्कवार्डन लीडर बृजलाल धीमान का कहना है कि सभी कार्यालयों में जिले के एक लाख से ज्यादा पूर्व सैनिकों को किसी न किसी कार्य से आना ही पड़ता है। ऐसे में बुजुर्ग अवस्था में यह कहां तक पैदल ही दौड़ते रहेंगे और कब अपना कार्य पूरा करवा पाएंगे, यह समस्या कम नहीं है। इसका हल निकाला जाना जरुरी है ताकि किसी को समस्या से दो-चार न होना पड़े।

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