--Advertisement--

जीएसटी विवरणी नहीं भर रहे सैकड़ों ठेकेदार

बड़सर | एक जुलाई, 2017 से पूरे देश में जीएसटी लागू हो गया। जिसमें सामान की खरीदारी पर ही जीएसटी लग जाता है। जब खरीदार उसे...

Dainik Bhaskar

May 03, 2018, 02:00 AM IST
बड़सर | एक जुलाई, 2017 से पूरे देश में जीएसटी लागू हो गया। जिसमें सामान की खरीदारी पर ही जीएसटी लग जाता है। जब खरीदार उसे बेचता है तो उसे पहले दिया कर जीएसटी विवरणी में मिल जाता है, लेकिन ठेकेदारों के मामले में किसी भी विभाग में जीएसटी पर ध्यान नहीं दिया दिया जा रहा। वेट एक्ट की तरह ही सी व डी क्लास के ठेकेदारों से तीन प्रतिशत कर ही लगाया और बी व ए ग्रेड ठेकेदारों पर पहले की तरह एक प्रतिशत कर ठेकेदार को दिए भुगतान पर चार्ज किया। वेट एक्ट में विभाग द्वारा किए कार्य पर लेवर डीजल के खर्च देता था। लेकिन जीएसटी में ऐसे कोई भी खर्च ठेकेदार को नहीं दे रहा है। ठेकेदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब पूरे देश में जीएसटी लागू हो गया है तो विभाग ने हमें दी गई पेमेंट पर प्रथम स्टेज पर 12 प्रतिशत जीएसटी क्यों नहीं काटा। अब जितने ठेके पर हमें मुनाफा नहीं हुआ, उससे ज्यादा का जीएसटी हमें जमा करवाना पड़ रहा है। अब हमें ठेकेदारी का कार्य छोड़ना ही पड़ेगा। क्योंकि जीएसटी एक्ट में अगर विवरणी देरी से भरी है तो उस पर भी हमें जुर्माना लग रहा है। पूरे देश में एक सामान कर लागू है तो ठेकेदारों पर क्यों नहीं। जिला नोडल अधिकारी (आबकारी एवं कराधान विभाग) हमीरपुर विशाल गोयल का कहना है कि सभी सरकारी विभागों को जीएसटी की दरों के बारे में बताया गया है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर भंडारी राम धीमान का कहना है कि जीएसटी दरों के हिसाब से टैक्स कटना चाहिए था। मामला मेरे में ध्यान में था, लेकिन अब मैं इसकी जानकारी डिविजन से लूंगा, जहां तक ठेकेदारों की बात है, तो मेरे कार्यालय में आएं।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..