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10 कोर्सों के लिए 12-13 मई को एंट्रेंस टेस्ट, प्रोफेशनल कोर्सेज में घट रही युवाओं की रुचि, 4022 सीटों के लिए सिर्फ 6934 आवेदन

इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज की सीटों को भरने के लिए इस बार 6934 आवेदन आए हैं जबकि 4022 कुल सीटें हैं। आवेदनों...

Danik Bhaskar | May 05, 2018, 02:00 AM IST
इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज की सीटों को भरने के लिए इस बार 6934 आवेदन आए हैं जबकि 4022 कुल सीटें हैं। आवेदनों की इस कम संख्या को देखकर यही लग रहा है कि युवाओं का इन इंजीनियरिंग और प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए रुझान अब लगातार कम हो रहा है। इसके लिए हिमाचल तकनीकी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित किया जाने वाला एंट्रेंस टेस्ट 12 और 13 मई को आयोजित हो रहा है और आवेदन करने की आखरी तारीख 2 दिन पहले खत्म हो चुकी है। यूनिवर्सिटी के सूत्रों के मुताबिक इस बार पिछले साल के मुकाबले करीब 500 आवेदन ज्यादा आए हैं। लेकिन कोर्सेज की संख्या के अनुरूप आवेदनों की यह तादाद ज्यादा नहीं मानी जा रही। इंजीनियरिंग में तो रुझान युवाओं का बहुत कम हो रहा है। सूबे में कई इंजीनियरिंग कॉलेज तो निजी क्षेत्र के बंद भी हो गए हैं।

हिमाचल तकनीकी यूनिवर्सिटी जिन कोर्सेज के लिए यह एंट्रेंस टेस्ट आयोजित कर रहा है,उनमें बी-टेक की 3870, बी फार्मेसी 849, बी-फार्मेसी आयुर्वेदा 30, बी-फार्मेसी प्रैक्टिस 40 , बी-आर्किटेक्चर 40, बीएसी एचएमसी टी 60, एमबीए 580, एमसीए 240, एम- फार्मेसी 86 , एम-टेक 162 , सीटें भरी जाएंगी। इस तरह यह सारी सीटें 5957 बनी हैं लेकिन बी-टेक की 3870 जिन सीटों को भरा जाना है उनमें आधी सीटें जेईई के मार्फत भरी जाएंगी।

मतलब साफ है की हर एक सीट के लिए आवेदन करने वालों की सूची में वह लोग भी शुमार नहीं हो पाए हैं 4022 सीटों के लिए केवल 6934 ही आवेदन आए हैं अब इसमें कितने पास होंगे और कितने फेल कौन-कौन क्वालीफाई करेंगे और इस में गुणवत्ता कितनी हो पाएगी। यही सवाल इस इंजीनियरिंग और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिला लेने का है।

सूबे में कई इंजीनियरिंग कॉलेज तो निजी क्षेत्र के बंद भी हो गए हैं, सरकारी पर भी संकट

छात्रों को प्लेसमेंट भी नहीं

हिमाचल में इस समय निजी क्षेत्र में काफी तादाद में इंजीनियरिंग कॉलेज है लेकिन इस क्षेत्र में विडंबना यह रही है कि पिछले 2 साल में कई इंजीनियरिंग कॉलेज भी बंद हुए हैं उसकी प्रमुख वजह यही है कि शुरू में जिस बड़ी तादाद में इनमें स्टूडेंट्स दाखिला लेने को आगे आए। लेकिन बाद में उनकी प्लेसमेंट नहीं हुई और अब धड़ाधड़ खुले इन निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थिति ज्यादातर की खराब है। इस बार कितने कॉलेज सरवाइव कर पाएंगे। यह भी इन्हीं दाखिलों पर निर्भर करेगा।

6934 आवेदन आए

इधर कंट्रोलर ऑफ एग्जाम वेद पटियाल का कहना है कि इस बार 6934 आवेदन आए हैं और बीटेक को छोड़कर बाकी सभी कोर्सेज में यह सीटें इसी एंट्रेंस टेस्ट से भरी जाएंगी। बी-टेक की 3870 सीटों में से आधी इस एंट्रेस से, जबकि आधी सीटें जेईई से भरी जाएंगी।