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प्रशासनिक चूक का खामियाजा क्यों भुगतें ‘लीज डीड’ होल्डर

Dainik Bhaskar

May 05, 2018, 02:00 AM IST

विक्रम ढटवालिया | हमीरपुर

राजस्व विभाग की चूक की वजह से हमीरपुर में दर्जनों ‘लीज डीड’ होल्डर अजीबो-गरीब परेशानी में फंस गए हैं। लीज की अवधि खत्म होने के बाद इन लीज होल्डर की लीज डीड रिन्यू नहीं हुई और अब इनके तमाम कब्जों को अवैध कब्जों में तब्दील करके राजस्व विभाग ने ऐसी कार्रवाई शुरू कर दी है जिससे इनमें हड़कंप मच गया है। कई के मामले स्थानीय तहसीलदार के पास अदालती उलटफेर में फंस गए हैं। इस कार्रवाई से बचने के लिए इन्होंने कई बार राजस्व विभाग के अधिकारियों को आवेदन भी किए लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई और अब इन्हें मजबूरन कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। वजह यह है कि लीज डीड खत्म होने के बाद की अवधि की अब तक इन्हें जो पेनल्टी डाली गई है, उसकी राशि लाखों में नहीं, करोड़ों में पहुंच गई है। ऐसे में डेढ़ से सात मरले तक भूमि को कब्जाने वाले इन लीज डीड होल्डरों के परिवार कठिनाई में है।

जिन लोगों को नोटिस भेजकर लगाई गया पेनल्टी की रकम जमा करवाने को कहा गया है वह ज्यादातर शहर के निवासी हैं और यहां 1982 से रह रहे हैं। अब ऐसी स्थिति में इन परिवारों पर आफत आ गई है। क्योंकि उन्होंने उस जमीन पर जो स्ट्रक्चर तैयार किया है उसे गिराया भी नहीं जा सकता और न ही वह इतनी बड़ी रकम चुकाने की स्थिति में है। कोर्ट-कचहरी के इस चक्कर की वजह से यह अब ढंग से न तो अपनी गुजर-बसर कर पा रहे हैं और न ही उन्हें यह रास्ता सूझ रहा है कि मामला सुलझे, तो कैसे? जिला प्रशासन के पास लीज डीड रिन्यू करने की उनकी फरियाद की अरजीया कहां है वह स्थिति भी सवालों के घेरे में है, क्योंकि उन पर कोई गौर नहीं हो रहा।

यहां हमीरपुर-सुजानपुर सड़क और डांग कवाली के अलावा शहर की कई और सड़कों के किनारे ऐसे लीज डीड के मामले सामने आए हैं। राजस्व विभाग में उन्हें जो अब बनर्जी डाली है वह मौजूदा मार्केट रेट के हिसाब से है जबकि लीज डीड के मुताबिक उन्हें₹ 700 प्रति वर्ष के हिसाब से लेकर 5000 तक की राशि जमा करवाने की शर्त थी, मगर अब मामला उल्टा पड़ गया है।

समय रहते नोटिस क्यों नहीं दिए गए

लीज डीड डीड रिन्यू समय पर क्यों नहीं हुई। उस समय लोगों को समय पर नोटिस क्यों नहीं जारी हुए और 15 से 20 साल के बाद आखिर ये प्रक्रिया शुरू करने की याद कैसे आई, इन सवालों का जवाब तो राजस्व विभाग ही दे सकता है। लेकिन इस प्रशासनिक और राजस्व विभाग की चूक का खामियाजा लीज डीड रिन्यू करने की फरियाद करने वाले परिवारों के लोग भुगत रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक हमीरपुर में इस तरह के 4 दर्जन मामले हैं लेकिन हिमाचल में ऐसे मामलों की संख्या काफी ज्यादा है और सरकार को यह तमाम मामले एकमुश्त सुलझाने के लिए व्यवहारिक रूप में कार्रवाई अमल में लानी चाहिए ताकि पेचीदगी का सबब बन गए इन मामलों को कोर्ट कचहरी के चक्कर में न उलझाकर संबंधित लोगों की परेशानी को स्थाई रूप में खत्म करने की तरकीब निकालनी चाहिए।

एेसे कितने मामले, इसका पता नहीं

इधर तहसीलदार मित्र देव का कहना है कि ऐसे कितने मामले हैं इसका पता आज नहीं चल सकता क्योंकि रीडर उनके छुट्टी पर हैं जबकि डीआरओ पवन शर्मा का कहना है कि किसकी वजह से यह मामले लटके हैं रिन्यू क्यों नहीं हो पाए और कितने मामले ऐसे हैं जिनमें नोटिस जारी हुआ है। इसका पता अभी नहीं लगाया जा सकता क्योंकि फाइल देखनी पड़ेगी लेकिन उनका यह भी कहना था कि संबंधित लोगों को यह मामला उनसे उठाना चाहिए। ताकि गलती किसकी है, क्यों नहीं रिन्यू हो सकी उनकी लीज डीड, इसकी जांच की जा सके।

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