हमीरपुर

  • Hindi News
  • Himachal Pradesh News
  • Hamirpur News
  • राची दुनिया से चली गई, लेकिन पैरेंट्स का नाम कर गई रोशन, बीमारी की हालत में परीक्षा देने गई और प्राप्त किया प्रथम स्थान
--Advertisement--

राची दुनिया से चली गई, लेकिन पैरेंट्स का नाम कर गई रोशन, बीमारी की हालत में परीक्षा देने गई और प्राप्त किया प्रथम स्थान

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में राची ठाकुर ने अपने स्कूल में 628 अंक लेकर प्रथम स्थान तो...

Dainik Bhaskar

May 06, 2018, 02:00 AM IST
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में राची ठाकुर ने अपने स्कूल में 628 अंक लेकर प्रथम स्थान तो हासिल कर गई, परंतु अब इस दुनिया में नहीं है। राची ठाकुर इस दुनिया से तो चली गई, लेकिन अपने स्कूल व माता-पिता का नाम रोशन कर गई।

बीमारी की हालत में दसवीं की परीक्षा देने के बावजूद भी राची ठाकुर ने अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया और राची बीमारी से ग्रसित न होती तो शायद उसका नाम मेरिट सूची में दर्ज होता। बाहन्वीं सीनियर सेकंडरी स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा राची ठाकुर को बोर्ड की दसवीं की परीक्षा के दौरान बुखार आना शुरू हो गया था। राची के पिता नरदीप जोकि अंग्रेजी के प्रवक्ता भी हैं, अभी अपनी बच्ची की मौत के सदमे से उभर नहीं पाए हैं, परन्तु उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है कि बीमारी की हालत में परीक्षा देने के बावजूद भी प्रथम स्थान हासिल किया। लेकिन इस बात का उन्हें बेहद दु:ख है कि बेटी इस दुनिया में नहीं है।

नरदीप ठाकुर ने बताया कि कि परीक्षा के शुरू होते ही उसकी तबीयत थोड़ी खराब थी। उन्होंने बताया कि 19 मार्च को मैथ की परीक्षा के दौरान ही उसे चक्कर आना शुरू हो गया था। 20 मार्च काे ड्रांइग का पेपर बीमारी की हालत में दिया।

उनका कहना है कि अगर उनकी बेटी राची परीक्षा के दौरान बिल्कुल स्वस्थ होती तो शायद बोर्ड की सूची में उसका नाम दर्ज होता। राची के पिता ने बताया बेटी के बीमार होने पर उसे हमीरपुर अस्पताल से टांडा में रेफर कर दिया। टांडा वालों ने 22 मार्च को पीजीआई में रेफर किया, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।

दसवीं की परीक्षा में राची ठाकुर ने प्राप्त किए 628 अंक, पेपर के दौरान हो गई थी बीमार

बीमार होने पर भी लिए अच्छे नंबर: सुनील

स्कूल प्रिंसिपल सुनील ने बताया कि राची ठाकुर बेशक इस दुनिया मे नहीं हैं, परंतु उसने स्कूल में दसवीं की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। राची ठाकुर बहुत ही मेधावी छात्र थीं। परीक्षा के दौरान बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद भी उसने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल किया और शायद स्वस्थ होती तो मेरिट सूची में भी उसका नाम होता। एसएमसी के प्रधान व बाहरवीं पंचायत के उपप्रधान राकेश कुमार ने बताया कि राची ठाकुर बहुत ही समझदार व होनहार लड़की थी। बीमारी की हालत में भी उसने दसवीं की पूरी परीक्षा दीं और स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

किस विषय में 100 में से कितने अंक लिए

अंग्रेजी 87

गणित 89

हिन्दी 95

सोशल स्टडी 84

विज्ञान 92

संस्कृत 89

ड्राइंग 92

X
Click to listen..