Hindi News »Himachal »Hamirpur» पहली से आठवीं तक की कक्षाओं का बीते साल का मूल्यांकन टेस्ट डाटा भी होगा ऑनलाइन, पैरेंटस रिपोर्ट कार्ड कर पाएंगे चेक

पहली से आठवीं तक की कक्षाओं का बीते साल का मूल्यांकन टेस्ट डाटा भी होगा ऑनलाइन, पैरेंटस रिपोर्ट कार्ड कर पाएंगे चेक

पहली से आठवीं तक की कक्षाओं के स्टूडेंट्स का इस साल के अलावा बीते साल में हुए मूल्यांकन टेस्टों का डाटा भी ऑनलाइन...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 07, 2018, 02:00 AM IST

पहली से आठवीं तक की कक्षाओं के स्टूडेंट्स का इस साल के अलावा बीते साल में हुए मूल्यांकन टेस्टों का डाटा भी ऑनलाइन होगा। एसएसए के एसपीडी ने डाइट हमीरपुर के माध्यम से सभी बीआरसीसी को भी अधूरे रिकार्ड की डिटेल भेजकर इसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसमें स्कूल वाइज बताया गया है कि कहां बीते साल सहित कितना काम अधूरा है।

वहीं लेकिन टीचर वर्ग पहले भेज दिए रिकार्ड को बार बार स्कूलों से मांगने और स्वयं फीड करने के निर्देश से नाराज भी हो गए हैं। काबिलेगौर है कि इस नए ब्यौरे काे ऑनलाइन सिस्टम में फीड करने से हर सरकारी स्कूल के हर स्टूडेंट्स का एक तरह की रिपोर्ट कार्ड बन जाएगा। जिसे पैरेंट्स ऑनलाइन भी चैक कर सकेंगे। यही नहीं पेरेंट्स के मोबाइल नंबर भी पायलट प्रोजेक्ट के तहत केवल हमीरपुर में फीड किए जा रहे, शीघ्र ही उनके मोबाइल पर मैसेज करके उनके बच्चे का रिपोर्ट कार्ड भेजना शुरू हो जाएगा।

विभाग ने इनके चार मूल्यांकन टेस्ट मेन रखे हुए हैं। उसी आधार पर इनका फाइनल रिपोर्ट मार्च में रिजल्ट के दिन जारी किया जाता है। इसमें एसए वन, टू, एफए वन और टू शामिल हैं। इसमें स्टूडेंट्स की बेस को चैक करके उसकी अन्य स्कूली गतिविधियों का आंकलन किया जाता है। उसी हिसाब से उसे ग्रेड दिए जाते हैं। अब स्कूल स्तर पर यह मूल्यांकन हर माह समय पर होगा, नहीं तो कुछ एक स्कूलों में लापरवाह टीचर इस काम को मर्जी से औपचारिकता निभाने के लिए टेस्ट के नंबर भर देते थे।

एसएसए के एसपीडी ने भेजी स्कूल वाइज अधूरे डाटा की रिपोर्ट, पहले भेजे रिकार्ड को दोबारा मांगने से टीचर वर्ग नाराज

टीचर क्यों हैं नाराज

विभाग ने भले ही अधूरा डॉटा की रिपोर्ट भेजकर इसे शीघ्र पूरा करने निर्देश दिए हैं। लेकिन एक बार स्कूल से यह रिकार्ड भेजने के बाद भी बार बार इस अतिरिक्त काम को टीचरों से करवाने और स्वयं मोबाइल से भरने के निर्देश से टीचर वर्ग नाराज हो गया है। उनका कहना है कि स्कूल में पहले एक या दो टीचर हैं। यह सारा रिकार्ड स्कूल सीएचटी के माध्यम से बीईईओ सहित बीआरसी को गया है। इसकी जो रिपोर्ट आई है,उसमें कई स्कूलों का 50 फीसदी तो कई का 80 फीसदी रिकार्ड अधूरा बताया है। अब यह डाटा फीड करने का जिम्मा बीआरसी कार्यालयों में बैठे स्टाफ का बनता था जो सीएचटी को टेब दिए गए थे। वे कई के बंद पड़े हैं तो कई जगह सिग्नल नहीं। सभी टीचरों के पास स्मार्ट फोन भी नहीं।

सीएचटी की है जिम्मेदारी

उधर डाइट प्रिंसिपल कम डीपीओ एसएसए आरएमएसए जगदीश कौशल का कहना है कि हर सीएचटी को ऑनलाइन डाटा फीड करने को टेब दिए हैं। वे ही अंडर कॉम्प्लेक्स स्कूलों का यह डाटा फीड करेंगे, क्योंकि कहीं से अभी तक इनके खराब होने या सिग्नल न होने की शिकायत नहीं आई है। अगर कहीं ऐसा है भी तो किसी कंप्यूटर संस्थान से यह डाटा फीड करवा लें, इसके लिए एक्सट्रा भुगतान काे बजट दिया गया है। इसके अलावा बीआरसी कार्यालयों में भी यह डाटा फीड करने काे दिया जा सकता है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Hamirpur

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×