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54 फ्लैटों में अस्पताल के नजदीक एक ही स्थान पर रह सकेंगे डाॅक्टर्स

इसी सत्र से यदि सरकारी क्षेत्र में चलने वाले राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को शुरू कर दिया गया और केंद्र सरकार...

Danik Bhaskar | May 07, 2018, 02:00 AM IST
इसी सत्र से यदि सरकारी क्षेत्र में चलने वाले राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को शुरू कर दिया गया और केंद्र सरकार की हरी झंडी मिली तो इसमें बैठाए जाने वाले प्रशिक्षु डॉक्टर्स के बैच को हॉस्टल सुविधा के लिए अलग-अलग स्थानों पर रहने से निजात मिल जाएगी। शहरी विकास विभाग ने यहां नगर परिषद के 54 फ्लैटों को मेडिकल कॉलेज को देने की परमिशन जारी कर दी है। इनके मिलने से प्रशिक्षुओं को सबसे बड़ा लाभ यह रहेगा की इनके साथ ही रीजनल अस्पताल है, जिसे मेडिकल कॉलेज के साथ अटैच किया गया है। उनको जहां व्हीकल से लाने और ले जाने की समस्या भी ज्यादा नहीं रहेगी। वहीं एक साथ वह आसानी से अस्पताल तक पहुंच भी सकेंगे। नगर परिषद को इसकी परमिशन का पत्र इसी सप्ताह मिला है। यदि मेडिकल कॉलेज में 50 या 100 सीटों का भी प्रावधान हुआ तो यह फ्लैट सुविधा उनके लिए काफी है। क्योंकि हर फ्लैट में दो कमरों से लेकर किचन और बालकॉनी की सुविधा काे जाेड़ा गया है।

इसकी कमाई से 58 और फ्लैट बनाएगी नप : नगर परिषद ने पहले जो मसौदा तैयार कर विभाग को भेजा था, उसके तहत इन्हें बेचकर नगर परिषद 5 करोड़ 40 लाख की राशि कमाएगी। यहां हथली खड्ड के पास करीब 72 फ्लैट तैयार किए गए हैं। इनमें 54 मेडिकल कॉलेज को प्रति फ्लैट 10 लाख में देने का मसौदा नगर परिषद के हाउस ने पास कर विभाग को भेजा था। वैसे नगर परिषद की ओर से इनके निर्माण पर 4 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जा चुकी थी। बेशक यह फ्लैट तैयार तो हो गए हों लेकिन यह अभी तक खाली ही पड़े ह़ुए थे। यही नहीं जो अब नई योजना नगर परिषद की और से तैयार की गई है उसके तहत इन्हें बेच कर नप 58 नए फ्लैट का निर्माण भी करेगी ताकि मेडिकल कॉलेज या कहीं दूसरे योजना के तहत उन्हें बेचा जा सके तो उससे एकत्र होने वाले राजस्व को शहर के विकास के साथ अपनी आमदन को भी जनरेट किया जा सके। इसको लेकर नप ने बाकायदा हाउस में प्रस्ताव तक पास किया है। वैसे जो फ्लैट मेडिकल कॉलेज को देने का रास्ता साफ हुआ है वह कभी गरीबों के लिए बनाए गए थे, लेकिन ऐसे पात्र कम मिलने से अब इसे कॉलेज को देने की हामी भरी गई है। इस समय जो 18 तैयार फ्लैट बच जाएंगे उन्हें ऐसे पात्रों को भी दिया जा सकेगा।

मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु डॉक्टर्स को आवास सुविधा का रास्ता साफ।

विभाग की ओर से फ्लैट देने की मिली परमिशन