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संस्कृत किसी जाति धर्म की संपत्ति नहीं पूरे विश्व की भाषा: मस्तराम

संस्कृत कॉलेज चकमोह में ज्याेितष एवं कर्मकांड सम्मेलन में भाग लेते मुख्यातिथि। सिटी रिपोर्टर | हमीरपुर ...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 10, 2018, 02:00 AM IST

संस्कृत किसी जाति धर्म की संपत्ति नहीं पूरे विश्व की भाषा: मस्तराम
संस्कृत कॉलेज चकमोह में ज्याेितष एवं कर्मकांड सम्मेलन में भाग लेते मुख्यातिथि।

सिटी रिपोर्टर | हमीरपुर

हिमाचल संस्कृत अकादमी द्वारा चकमोह संस्कृत कॉलेज में ज्योतिष एवं कर्मकांड सम्मेलन आयोजित करवाया। जिसमें अकादमी के सचिव डॉ. मस्तराम शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरक्त की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता शिरोमणि उपाधि से अलंकृत पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष गुरु नानक यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉ. लेखराम शर्मा ने की और विशिष्ठ अतििथ के रूप में भवानी दास शास्त्री मौजूद रहे। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. ओमदत्त सरोज ने अतिथियों सहित आए हुए प्रतिभागी टीचरों का स्वागत किया। मुख्यातिथि ने कहा कि संस्कृत किसी जाति धर्म या देश की संपत्ति न होकर पूरे विश्व की भाषा है। इसके प्रचार प्रसार के लिए अकादमी हर संभव प्रयास कर रही है। हमारे प्राचीन चारों ग्रथों, 18 पुराण, उपनिषद, रामायण और महाभारत आदि संस्कृत भाषा में लिखे गए हैं।

इसमें भारतीय संस्कृति निहित है। संस्कृत भाषा प्रथकतावाद, क्षेत्रवाद का विरोध करती है और राष्ट्रीयता सहित अंतरराष्ट्रीयता काे प्रदान करती है। यह हमारे अतीत की विरासत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संस्कृत यूनिवर्सिटी खोलने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इनके अलावा प्रो. लेखराम शर्मा, भवानी दास शास्त्री, योगाचार्य कृष्णा चौधरी, मीरा, मनसा पंडित ने कई विषयों पर विचार पेश किए। इस मौके पर प्रेम, सतीश शास्त्री, प्रीतम शास्त्री, संजीव शास्त्री, डॉ. प्रभात शर्मा, अनु कुमारी, प्रोमिला देवी सहित कई विद्धानों ने हिस्सा लिया।

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