हमीरपुर

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नियमों की उड़ाई गई धज्जियां, मिट‌्टी धूल और कंकरीट में खिलाए खिलाड़ी

पहली बार हिमाचल के हमीरपुर जिले के भोरंज में लड़कों व लड़कियों की पांचवीं सब जूनियर नेशनल टाॅरगेटबाॅल प्रतियोगिता...

Dainik Bhaskar

May 12, 2018, 02:00 AM IST
नियमों की उड़ाई गई धज्जियां, मिट‌्टी धूल और कंकरीट में खिलाए खिलाड़ी
पहली बार हिमाचल के हमीरपुर जिले के भोरंज में लड़कों व लड़कियों की पांचवीं सब जूनियर नेशनल टाॅरगेटबाॅल प्रतियोगिता में नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गईं। खिलाड़ियों के लिए खेलने की सही व्यवस्था, बिजली व पानी की समस्या के चलते प्रतियोगिता के आयोजन पर सवालिया निशान लगे हैं। कंकरीट व धूल के मैदान में खिलाड़ियों को अपने खेल का प्रदर्शन करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।

खरबाड़ में हुई तीन दिवसीय पांचवीं राष्ट्रीय सब जूनियर प्रतियोगिता में हिमाचल सहित 17 राज्यों के खिलाड़ियों व अधिकारियों सहित चार प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में सफल आयोजन के लिए टाॅरगेटबाॅल खेल का फाउंडर उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी सोनू शर्मा ने स्वयं शिरकत की और स्वयं ही रेफरी बनकर मैच करवाएं। दूसरे राज्यों के आए खिलाड़ी प्रतियोगिता के लिए बनाए गए खेल मैदान को लेकर सभी हैरान थे।

खेल का मैदान का निर्माण चंद ही दिनों में आनन-फानन में किया गया था। खेल मैदान में मैच को खेलते वक्त उड़ रही धूल व मिटटी व छोटे-छोटे पत्थर इतने अधिक थे कि खिलाड़ियों को गिरती बार चोटें लग रही थीं। वीरवार शाम को करीब पौने छह बजे लड़कियों का फाइनल मैच दिल्ली और हिमाचल की टीम के बीच खेला गया। दूसरी तरफ लड़कों के वर्ग का भी मैच चला हुआ था। दोनों मैच शाम सात बजे तक भी खत्म नहीं हुए।

खेल के मैदान में उड़ती धूल और मिटटी व अंधेरे की वजह से खिलाड़ियों को बाॅल टारगेट करने के लिए नहीं दिखाई दे रहा था। इस दौरान बिजली की व्यवस्था न होने से हिमाचल की टीम की कोच किरण नांटा खेल को बंद करवाने के लिए कहती रहीं, लेकिन किसी ने एक नहीं सुना। बाद में खेल को आधे घंटे तक बंद रखा गया और आनन-फानन में मैच करवा दिया गया। खिलाड़ियों के लिए खाने की व्यवस्था भी मानों पिकनिक मना रहे हो, ऐसी लग रही थी। इस बावत प्रतियोगिता के आयोजक भी अपनी कमियों को छिपाते रहे।

भोरंज के खतरबाड़ में चल रही राष्ट्रीय सब जूनियर टाॅरगेटबाॅल प्रतियोगिता में खिलाड़ी धूल, मिटटी और छोटे-छोटे कंकरीट से भरे कच्चे खेल के मैदान में खेलते हुए।

क्या कहते हैं टाॅरगेटबाल के फाउंडर

टाॅरगेटबाल खेल के फाउंडर सोनू शर्मा का कहना है कि हिमाचल में पहली बार यह प्रतियोगिता हुई है। यह तो खेल की शुरुआत है। खेल का मैदान नया होने की वजह से धूल, मिटटी व कंकरीट से परेशानी हुई है, लेकिन आगे इस पर ध्यान रखा जाएगा।

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