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इंधन बनाने को अंबुजा सीमेंट खरीदेगा हमीरपुर का चलारू

जंगलों में हर साल आग की घटनाओं का प्रमुख कारण बनने वाला चील का चलारू नुकसान के लिए नहीं, बल्कि अब औद्योगिक इंधन के...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 12, 2018, 02:00 AM IST

इंधन बनाने को अंबुजा सीमेंट खरीदेगा हमीरपुर का चलारू
जंगलों में हर साल आग की घटनाओं का प्रमुख कारण बनने वाला चील का चलारू नुकसान के लिए नहीं, बल्कि अब औद्योगिक इंधन के नए विकल्प के रूप में जाना जाएगा। देश की प्रसिद्ध सीमेंट निर्माण कंपनी अंबुजा हमीरपुर जिला के जंगलों में होने वाले चीड़ के चलारू को खरीदेगी। कंपनी ने वन विभाग के साथ इसे लेकर एमओयू साइन किया है।

लोगों को इसके साथ जोड़ कर उन्हें आर्थिक फायदा देने की भी पहल की गई है। लोग जंगलों से चलारू एक जगह पर इकट्ठा करेंगे, इसकी एवज में उन्हें प्रति किलो के लिए पौने दो रुपए कंपनी द्वारा दिए जाएंगे, इसी माह से यह काम शुरू हो जाएगा।

हमीरपुर के जंगलों में हर साल सैकड़ों क्विंटल चलारू यूं ही बेकार पड़ा रहता है, इसका कहीं सही इस्तेमाल न होने से आगजनी की घटनाओं का ये प्रमुख कारण बनता है। उद्योगों में यह चलारू इंजन का बेहतर और सस्ता विकल्प साबित हुआ है, इसके इस्तेमाल करने से उत्पादन लागत में फर्क पड़ता है। अंबुजा कंपनी जिले से चलारू को अपने दाड़लाघाट स्थित प्लांट में ईंधन के लिए इस्तेमाल करेगी। अप्रैल से जुलाई के चार माह के सीजन में चलारू काफी तादाद में जंगलों में गिरता है।

वन विभाग ने चलारू इकट्ठा होने के बाद इसकी बड़ी गाठें बनाने के लिए दो मशीनें भी मंगवाई हैं, यह मोबाइल मशीनें कहीं पर भी आसानी से ले जाई जा सकेंगी। जंगलों से चलारू को समेटने के लिए कंपनी लोगों को प्रति किलो के लिए करीब पौने दो रुपए देगी।

चलारू सरकारी और निजी दोनों तरह की जमीन से इकट्ठा किया जाएगा। कंपनी के ट्रक मौके पर पहुंच कर इन्हें लोड करके प्लांट में ले जाएंगे। लोगों को इससे आमदनी होगी और जंगल भी इससे जलने से बचेंगे। विभाग ने पहले चरण में नादौन और बड़सर के करीब 50 गांवों के आसपास के एरिया को इसके लिए सिलेक्ट किया है। इनमें 9 संेंस्टीव वीटें हैं, जहां ज्यादा चलारू गिरने से आग लगती है, इन्हें पहले हटाया जाएगा।

वन विभाग और कंपनी में हुआ एमओयू, जंगल से इकट्ठा करके लोग बेच सकेंगे पौने दो रुपए किलो के हिसाब से

चीड़ के जंगलों से इक्ट्‌ठा होगा चलारू।

अंबुजा सीमेंट के दाडलाघाट प्लांट के साथ टाई-अप हुआ है, जिले की दो रेंजों से कंपनी चलारू लेकर जाएगी। इसके एवज में लोगों को इसे जमा करने के लिए प्रति किलो पैसे भी कंपनी द्वारा दिए जाएंगे। जंगलों को आग से बचाने में इससे काफी मदद मिलेगी। प्रीति भंडारी, डीएफओ, हमीरपुर।

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