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एक दिन बाद ही तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के सात पीएसओ के ट्रांसफर आर्डर रद्द

सिटी रिपोर्टर| शिमला/हमीरपुर प्रदेश में वीआईपीज की सुरक्षा में तैनात 85 पीएसओ के बुधवार को सीआईडी से हटाकर...

Dainik Bhaskar

Apr 13, 2018, 02:00 AM IST
सिटी रिपोर्टर| शिमला/हमीरपुर

प्रदेश में वीआईपीज की सुरक्षा में तैनात 85 पीएसओ के बुधवार को सीआईडी से हटाकर बटालियनों के साथ अटैच करने के ऑर्डर जारी किए गए। इनमें पूर्व तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के पीएसओ भी शामिल थे, लेकिन चंद घंटों के बाद ही तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के पीएसओ के ऑर्डर केंसिल कर दिए गए। पूर्व सीएम की सुरक्षा में तैनात सात पीएसओ को फर्स्ट सेकंड और चौथी बटालियन के साथ अटैच किया गया था। मगर अब ये सीआईडी से ही अटैच रहेंगे।

डीजीपी कार्यालय की ओर से इनके आनन फानन में जो केंसेलेशन के ऑर्डर जारी किए गए हैं उनमें मार्च माह की ही डेट डाली गई है। 11 मार्च 2018 की जगह यह डेट 11 अप्रैल 2018 होनी थी। पूर्व मुख्यमंत्रियों में वीरभद्र सिंह के दो, शांता कुमार के दो और प्रेम कुमार धूमल के तीन पीएसओ शामिल है। यह लोग कई वर्षों से पूर्व सीएम के साथ तैनात हैं और एकाएक इनके ट्रांसफर आर्डर जारी होने से खलबली मच गई। कई लोग तो तीन दशक पुराने हैं।

बुधवार को डीजीपी कार्यालय की ओर से पीएसओ के बटालियन के साथ अटैचमेंट करने के ऑर्डर जारी किए गए थे। ऑर्डर में मुख्यमंत्री, मंत्रियों, एमपी, विधायकों के साथ सुरक्षा में तैनात पीएसओ के लिए वर्दी पहने के निर्देश भी जारी किए गए थे। ऑर्डर में कहा गया था कि सरकार के निर्देशानुसार ही पीएसओ के लिए वर्दी जरूरी की जा रही है। वीआईपीज के मुताबिक सादी वर्दी में भीड़ भीड़ में पीएसओ को पहचाना मुश्किल होता है।

बटालियन से अटैच पीएसओ को नहीं मिलेगा सिक्योरिटी अलाउंस

वीआईपीज की सुरक्षा में तैनात पीएसओ को सीआईडी की ओर से सिक्योरिटी अलाउंस दिया जाता है। इन सात के बटालियन के साथ अटैचमेंट के ऑर्डर केंसिल होने से इन्हें सिक्योरिटी अलाउंस का लाभ मिलता रहेगा, लेकिन अन्य 78 पीएसओ जो बटालियन से अटैच कर दिए गए हैं, उन्हें सिक्योरिटी अलाउंस से वंचित रहना पड़ेगा। 78 पीएसओ ऐसे हैं जो मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के अलावा महत्वपूर्ण व्यक्तियों के साथ तैनात किए गए हैं इनके ऑर्डर स्टैंड रहे। इन्हें अलग-अलग बटालियनों में ट्रांसफर करने के आर्डर यथावत हैं। ये जवान बटालियन के स्टाफ गिने जाएंगे।

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