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न बस स्टैंड के खोखे पीछे हटाने की फाइल खुली, न ही इनकेे शट्‌टर खुले

जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड के सामने बेरोजगारों को बसाने के लिए सिवाय आश्वासनों के कुछ नहीं हो पा रहा। न तो यहां...

Dainik Bhaskar

Apr 27, 2018, 02:00 AM IST
न बस स्टैंड के खोखे पीछे हटाने की फाइल खुली, न ही इनकेे शट्‌टर खुले
जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड के सामने बेरोजगारों को बसाने के लिए सिवाय आश्वासनों के कुछ नहीं हो पा रहा। न तो यहां जो सड़क किनारे खोखे हैं, उन्हें पीछे हटा कर बसाने की फाइल खुल पाई है और न ही जो यहां एक लाखों की राशि खर्च कर पक्के खोखे बनाए गए हैं। उनके शटर खोलने के लिए गठित कमेटी कुछ कर पाई है। हैरानी की बात यह है कि यहां से तीन डीसी तबादला होकर जा चुके हैं, लेकिन धरातल पर लगता नहीं, यह योजनाएं पात्रों तक पहुंच पाए। सरकारी कितना धन खर्च कर दिया? लेकिन उस स्कीम को लोगों को न खोला जाए और उससे मिलने वाले हर माह के रेवन्यू को सरकारी कोष में एकत्र करने के लिए भी देरी की जा रही हो तो सवाल उठना तो है ही। ऐसा ही यहां भी हो रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों के दौरे : यहां बस स्टैंड के सामने जो कच्चे टीननुमा खोखे बने हैं, उन्हें हटा कर पीछे करने और वहां से सड़क को खोलने के लिए योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जहां अधिकारियों ने इन खोखा धारकों से वार्ता की, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के दौरे जरूर हुए। अब यहां की फाइल कब खुलेगी और कार्य कब शुरू होगा? मौजूदा समय में किसी के पास कोई लगता जवाब नहीं है। यहां से बीते दिनों डीसी भी ऊना के लिए ट्रांसफर हो गए हैं। यहां अब नए डीसी ने कार्यभार संभाल लिया है। लोगों को जरूर इस फाइल के खुलने का इंतजार भी है, क्योंकि बस स्टैंड के सामने सड़क बेहद सकंरी होने से जहां ट्रैफिक जाम की समस्या रहती है, वहीं राहगीरों को भी समस्या से दो-चार होना पड़ता रहा है। यदि इन खोखे वालों को पीछे हटा कर पक्के खोखे भी बना दिए जाएं, तो उन्हें भी समस्या से दो-चार नहीं होना पड़ेगा।

बस स्टैंड छोटा पड़ रहा और सामने बंद पड़े हैं लाखों की लागत से बने खोखों के शट्‌टर।

यह शटर कब खुलेंगे | यही नहीं यहां बस स्टैंड के सामने ही स्टेडियम के एक छोर जो 1 करोड़ की राशि से ज्यादा से करीब 100 पक्के खोखे बनाए गए हैं, वहां बेरोजगारों को बसाने की फाइल भी लगता काफी नीचे है। कमेटी का गठन किए भी एक साल से ज्यादा का समय हो गया है। इस दौरान भी कई प्रशासनिक अधिकारी यहां से ट्रांसफर हो चुके हैं, लेकिन यह कार्य पूरा नहीं हो पाया। बेरोजगार विजय कुमार शर्मा, राजेश ठाकुर, तरुण कुमार, अशोक कुमार, कुलदीप चंद, राजेश कुमार, कृष्णा देवी, कुंता देवी व राजेश्वरी देवी सहित कई लोगों का कहना है कि इन्हें शुरू करवाने का कार्य प्रशासन को नगर परिषद को सौंप देना चाहिए ताकि इन्हें शीघ्र लोगों को अलॉट किया जा सके। ऐसा न हो जब तक यह अलॉट हों तो इनका स्‍वरूप बिगड़ चुका हो।

कमेटी का गठन किया | नगर परिषद के उपाध्यक्ष दीप कुमार बजाज का कहना है कि जिला प्रशासन की ओर से खोखों के अलॉट के लिए कमेटी का गठन किया गया है। यहां बस स्टैंड के सामने पुराने खोखों को लेकर प्रशासन ने ही दौरे किए हैं। आगे की कार्रवाई भी वहीं से होगी।

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