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लंबित मांगों को सरकार शीघ्र अमलीजामा पहनाए

हिमाचल प्रदेश प्रमोटी स्कूल प्रवक्ता संघ ने सरकार और विभाग से शीघ्र लंबित मांगों को अमलीजामा पहनाने की गुहार...

Danik Bhaskar | May 14, 2018, 02:00 AM IST
हिमाचल प्रदेश प्रमोटी स्कूल प्रवक्ता संघ ने सरकार और विभाग से शीघ्र लंबित मांगों को अमलीजामा पहनाने की गुहार लगाते हुए कहा कई बार बैठकों में इन पर सहमति बन चुकी है। इसके बावजूद इन्हें धरातल पर लागू नहीं जा रहा है।

संघ के प्रदेशाध्यक्ष र|ेश्वर सलारिया और महासचिव यशवीर जंबाल ने जारी बयान में कहा कि प्रिंसिपलों के करीब 140 पद और हेडमास्टरों के करीब 145 पद खाली पड़े हैं। इनकी वजह से सैकड़ों स्कूल बगैर मुखियों के चल रहे, सरकारी स्कूलों की विश्वसनीयता पर आम जनता द्वारा सवाल उठाना ठीक नहीं लगता है।

संघ चाहता है कि विभाग द्वारा जो प्रमोशन के लिए प्रिंसिपल और हेडमास्टर का पैनल तैयार कर दिया है, इस सूची को शीघ्र जारी किया जाए, मगर प्रमोशन करने में की जा रही देरी का कारण समझ नहीं आ रहा है।

ये रहे मौजूद : इस मौके पर पदाधिकारियों में महेंद्र गुप्ता, नंद लाल शर्मा, हरिमन शर्मा, जीत राम, जीएस ढटवाल, राकेश कुमार, विक्रम शर्मा, रविंद्र शर्मा, मोहिंद्र ठाकुर, बलराम महाजन, विनोद शर्मा, हरीन राणा, मोहिंद्र बाड़ी, महिला विंग प्रदेशाध्यक्ष रमा कंबर, तृप्ता शर्मा, अाशा जोशी, रेणू गौत्तम, सपना ठाकुर, रंजना ठाकुर, वीना भारद्वाज, सालिल गौत्तम, शकुंतला पटियाल, पूनम कश्यप, केवल ठाकुर, रविदास, कमल किशोर शर्मा, मनोज कुमार, प्रदीप धीमान, कलित पुरी, मोहन लाल शर्मा, संजीव शर्मा, अनुराधा गर्ग, दर्शन शर्मा, राकेश कुमार, कुलदीप नेगी, विकास धीमान, रविंद्र शर्मा, विवेक दत्ता सहित कई मौजूद थे।

ये मांगें भी उठाई

इसके अलावा उन्होंने मांग उठाई की पीजीटी का पदनाम प्रवक्ता बहाल हो, प्रमोशन के वक्त से ही ग्रेड पे 5400 रुपए मिले, सीधी भर्ती वाले प्रवक्ताओं और प्रमोटी प्रवक्ताओं की वरिष्ठता सूची 1:1 के आधा बने, प्रिंसिपल बनने के लिए 50 फीसदी कोटे का अाधा कोट प्रमोटियेां को मिले, हैडमास्टर बनने के लिए जो विकल्प की शर्त हटे, प्रमोटी प्रवक्ताओं से बने हैडमास्टरों के वेतन का संरक्षण हो, जिन स्कूलों में आर्ट्स संकाय चल रहे, उनमें सभी अहम सबजेक्ट पद सृजित हा़े, शिक्षा में गुणवत्ता में लाने को टीचरों से गैर शिक्षण कार्य न लें, पुरानी पेंशन बहाल हो, 300 से अधिक अर्जित अवकाश को भी सभी कर्मचारियों के छुटिट्यों के खाते में जोड़ा जाए।