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प्राइमरी स्कूल हमीरपुर को मॉडल बनाने की कवायद हुई तेज

टाउन हाल के ठीक सामने बने प्राइम लैंड पर बसे प्राइमरी स्कूल हमीरपुर को मॉडल बनाने की कवायद शीघ्र तेज होगी। स्थानीय...

Danik Bhaskar | May 14, 2018, 02:00 AM IST
टाउन हाल के ठीक सामने बने प्राइम लैंड पर बसे प्राइमरी स्कूल हमीरपुर को मॉडल बनाने की कवायद शीघ्र तेज होगी। स्थानीय विधायक भी अब इस ओर खास ध्यान देंगे। यहां नई बन रही बिल्डिंग में आधुनिक सुविधाओं का ख्याल भी रखा जाएगा, ताकि स्टूडेंट्स को कई तरह की सुविधाएं मिल सकें। सालों से इस स्कूल की अनदेखी हो रही थी। जिसकी बजह से इसके आसपास के दो किलोमीटर के दायरे में करीब 2 दर्जन प्राइवेट स्कूल शुरू हो गए।

काबिलेगौर है कि सरकार और विभाग द्वारा इस स्कूल के उत्थान को सर्व शिक्षा अभियान के तहत भी कुछ नहीं दिया गया। जबकि करोड़ों-अरबों रुपए इस अभियान के तहत प्राइमरी स्कूलों के बढ़िया भवन बनाने के लिए पिछले 15 सालों में खर्च किए हैं। इस वक्त भी यहां 150 स्टूडेंट्स शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। लेकिन यहां औपचारिकता निभाने के नाम पर ही कई सालों से विकास के नाम पर काम चलाऊ कार्य हुआ।

प्लानिंग की रही कमी : इस स्कूल में ऐसा नहीं कि स्टाफ की कमी रही, यहां तो पांच-पांच टीचर एक साथ होने के अलावा एक सीएचटी भी यहां बैठते हैं। लेकिन शायद स्टूडेंट्स को आधुनिक सुविधाओं वाला माहौल यहां देने वाली सोच की कमी रही, क्योंकि जिला मुख्यालय के इस स्कूल में हमेशा अच्छी पहुंच वाले टीचर ही रहे हैं। लेकिन वे दूर दराज के स्कूलों में जाने से बचे रहे, पर यहां पढ़ रहे आम परिवारों के बच्चों के लिए इस स्कूल के कायाकल्प को कोई नया कार्य करके नहीं दिखा पाए। वहीं डिप्टी डायरेक्टर, बीईईओ सहित सभी तरह के प्रशासनिक अधिकारी इसी स्कूल के करीब 400 मीटर के दायरे में बैठते हैं। वे भी इसे मॉडल बनाने को कोई प्लानिंग नहीं करवा पाए। विधायक नरेंद्र ठाकुर का कहना है कि इस विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बना हूं, इस स्कूल के कायाकल्प सहित इसे मॉडल बनाने की ओर खास ध्यान दिया जाएगा। विभाग ने इस बारे में अब तक क्या, इस बारे में पता किया जाएगा। बच्चे किसी के भी इसमें पढ़ें या पढ़ने आ रहे, सभी को आधुनिक सुविधाओं की आज के वक्त में जरूरत है। शहर का स्कूल होने के नाते तो इसका सही उत्थान और भी जरूरी है।

हमीरपुर प्राइमरी स्कूल हमीरपुर का बन रहा है नया भवन।

स्कूल में दो कमरे और बनेंगे

यहां फिलहाल दो कमरों काे निर्माण दो पुराने कमरों को गिराकर शुरू किया गया है। लेकिन शिक्षा मंत्री ने करीब तीन माह पहले स्कूल का दौरा करके दो और कमरों के लिए बजट मंजूर करने का वायदा किया है। उनका भी कहना था कि शहर के बीच स्थित इस स्कूल में बेहतर सुविधाएं स्टूडेंट्स को मुहैया होनी चाहिए थीं। अब सरकार द्वारा इस ओर ध्यान दिया जाएगा। गुणवत्ता वाली पढ़ाई दो, बजट की चिंता मत करो।