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प्राइवेट गाड़ियों पर शिकंजा, सरकारी को मिली खुली छूट अधिकतर अफसरों की गाड़ियों में नहीं लगी है सीट बेल्ट

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चौपहिया गाड़ियों में ड्राइवर और उसके साथ बगल में बैठने वाले पैसेंजर के लिए सेफ्टी बेल्ट...

Bhaskar News Network| Last Modified - May 16, 2018, 02:00 AM IST

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प्राइवेट गाड़ियों पर शिकंजा, सरकारी को मिली खुली छूट अधिकतर अफसरों की गाड़ियों में नहीं लगी है सीट बेल्ट
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चौपहिया गाड़ियों में ड्राइवर और उसके साथ बगल में बैठने वाले पैसेंजर के लिए सेफ्टी बेल्ट लगाना जरूरी किया है। लेकिन हमीरपुर में कई सरकारी गाड़ियों में इसका अमल प्रॉपर नहीं हो रहा । यही वजह है कि जिला मुख्यालय पर ही कई अधिकारियों की सरकारी गाड़ियों में सेफ्टी बेल्ट लगी ही नहीं है। रोजाना यह लोग कई किलोमीटर का सफर बिना इस बेल्ट को लगाए कर रहे हैं। प्राइवेट गाड़ियों में अगर कोई बिना सीट बेल्ट लगाए चलता है या उसकी गाड़ी में बेल्ट न हो तो ट्रैफिक पुलिस उसका चालान काट देती है, लेकिन इन सरकारी गाड़ियों को देख कर यही लगता है कि इन्हें छूट मिली हुई है। तभी तो इन पर आज तक कोई भी शिकंजा नहीं कसा गया है।

सफर में सेफ्टी के लिए बहुत जरूरी है नियमों का पालन करना , मोटर व्हीकल एक्ट का हो रहा उल्लंघन

मुख्यालय पर कई ऐसे अधिकारी जिनकी गाड़ियेां में नहीं लगी सीट बेल्ट

मुख्यालय पर कई ऐसे अधिकारी हैं, जिनकी सरकारी गाड़ियों में सेफ्टी बेल्ट नहीं। शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एलीमेंट्री की गाड़ी एचपी 52-0054 जिप्सी में पेसेंजर साइड की सीट पर बेल्ट नहीं है। सीडीपीओ नादाैन की जीप एचपी 55-0104, रीजनल अस्पताल की टीवी प्रोजेक्ट की जिप्सी गाड़ी एचपी 22-0067 में भी यह बेल्ट नहीं लगी है।

सीडीपीओ नादाैन की जीप में नहीं लगी सीट बेल्ट।

अनिल शर्मा | हमीरपुर

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चौपहिया गाड़ियों में ड्राइवर और उसके साथ बगल में बैठने वाले पैसेंजर के लिए सेफ्टी बेल्ट लगाना जरूरी किया है। लेकिन हमीरपुर में कई सरकारी गाड़ियों में इसका अमल प्रॉपर नहीं हो रहा । यही वजह है कि जिला मुख्यालय पर ही कई अधिकारियों की सरकारी गाड़ियों में सेफ्टी बेल्ट लगी ही नहीं है। रोजाना यह लोग कई किलोमीटर का सफर बिना इस बेल्ट को लगाए कर रहे हैं। प्राइवेट गाड़ियों में अगर कोई बिना सीट बेल्ट लगाए चलता है या उसकी गाड़ी में बेल्ट न हो तो ट्रैफिक पुलिस उसका चालान काट देती है, लेकिन इन सरकारी गाड़ियों को देख कर यही लगता है कि इन्हें छूट मिली हुई है। तभी तो इन पर आज तक कोई भी शिकंजा नहीं कसा गया है।

हेल्थ प्रोजेक्ट की जिप्सी में नहीं लगी सीट बेल्ट।

डिप्टी डायरेक्टर एलीमेंट्री की गाड़ी में नहीं लगी बेल्ट।

गाड़ी में अभी सीट बेल्ट नहीं है, पुरानी गाड़ी है, इसलिए नहीं है। दोनों बेल्टस लगवाई जाएंगी। जीतराम धीमान, सीडीपीओ, नादौन।

ड्राइवर के लिए तो गाड़ी में सीट बेल्ट है। साथ वाली पैसेंजर सीट पर नहीं है। इसे जल्द ही लगवाया जाएगा । देशराज बड़भाल, डिप्टी डायरेक्टर, एलीमेंट्री एजुकेशन हमीरपुर।

जिन सरकारी गाड़ियों में सीट बेल्ट नहीं है, उनको चेक करके चालान भी किए जाएंगे, गाड़ियों में बेल्ट होना जरूरी है। विजय कुमार, ट्रैफिक इंचार्ज, हमीरपुर।

प्राइवेट गाड़ियों पर शिकंजा, सरकारी को मिली खुली छूट अधिकतर अफसरों की गाड़ियों में नहीं लगी है सीट बेल्ट
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