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जमीन की फर्द कांगू से, रसीद कटाने जाना पड़ रहा नादौन

जमीनी दस्तावेजों की नकल लेने के लिए लोगों को 11 रुपए की रसीद लेने के लिए 50 किलोमीटर दौड़ना पड़ रहा है। कांगू सब तहसील...

Danik Bhaskar | Apr 12, 2018, 02:00 AM IST
जमीनी दस्तावेजों की नकल लेने के लिए लोगों को 11 रुपए की रसीद लेने के लिए 50 किलोमीटर दौड़ना पड़ रहा है। कांगू सब तहसील के तहत अगर किसी जमीन मालिक को फैसले या किसी दूसरे दस्तावेज की नकल लेनी है तो उसे इसके लिए नादौन तक बेवजह दौड़ना पड़ रहा है। इसमें पैसे और समय दोनों बर्बाद हो रहे हैं।

नकल आवेदन के लिए उसका सारा दिन इसी भाग-दौड़ में निकल जा रहा है। लेकिन सिस्टम को लोगों की सुविधा के लिए दुरुस्त करने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। रोजाना कई लोगों को इस खामी की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सब तहसील कांगू के तहत जमीनी दस्तावेज की कोई नकल लेनी होगी तो 11 रुपए की कोर्ट फीस लगा कर इसकी रिसीविंग रसीद हासिल करने के लिए नादौन तहसील तक दौड़ना पड़ेगा। इस रसीद को देने की सुविधा सब तहसील में मौजूद नहीं है, जिस वजह से लोगों को दिक्कत हो रही है। समस्या यह भी है कि नकल लेने के लिए जो कोर्ट फीस लगनी है, वो भी नादाैन में जमा नहीं होनी है। आवेदक को सब तहसील परिसर के बाहर ही अरजनवीस से ये मिल जाएगी। फीस आवेदन फार्म पर लगा कर इसे नादाैन तहसील ले कर जाना पड़ रहा है, जहां इसकी रिसीविंग रसीद काट कर दी जा रही है। रसीद को फार्म के साथ लगा कर फिर सब तहसील में जमा करवाना पड़ रहा है। इस भाग-दौड़ में कई लोगों को आने जाने में 50 किलोमीटर का सफर बेवजह करना पड़ रहा है।

11 रुपए की रसीद के लिए दौड़ना पड़ रहा 50 किलोमीटर, लोग बेवजह धक्के खाने को मजबूर

नकल की कापी देने के लिए नादौन जा कर कटवानी प्ड़ रही रसीद

नहीं है सुविधा | आवेदन फार्म पर लगने वाली कोर्ट फीस की रिसीविंग रसीद देने की सुविधा सब तहसील में नहीं है। जब से सब तहसील ने यहां काम करना शुरू किया है, तब से सुविधा यहां उपलब्ध नहीं है। लोगों को नादौन ही जाना पड़ता है, जोलसप्पड़ पंचायत के मदन सिंह ने बताया कि उन्होंने एक नकल की कॉपी के लिए आवेदन किया है। पहले वह घर से कांगू सब-तहसील गए, उसके बाद नादाैन जाना पड़ा। इसमें उनकी करीब 50 किलोमीटर की दाैड़ लग गई। नादौन में सिर्फ रसीद कटती है, कोई फीस जमा नहीं होती, यही बड़ी समस्या है। लोगों की सुविधा के लिए सब तहसील में ही रसीद देने की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि लोगों का समय और पैसा दोनों बच सके।