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सात माह पहले ट्रांसफर हुए तहसीलदार ने नहीं छोड़ा सरकारी आवास, नए को हो रही दिक्कत

पात्र अधिकारियों के आवासों को दूसरों द्वारा कब्जाने का मामला यहां हमीरपुर तहसील परिसर में खूब गर्माने लगा है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 12, 2018, 02:00 AM IST

सात माह पहले ट्रांसफर हुए तहसीलदार ने नहीं छोड़ा सरकारी आवास, नए को हो रही दिक्कत
पात्र अधिकारियों के आवासों को दूसरों द्वारा कब्जाने का मामला यहां हमीरपुर तहसील परिसर में खूब गर्माने लगा है। पूर्व में इस तहसील से ट्रांसफर होकर गए अधिकारियों ने अपने आवासों को कब्जा कर रखा हुआ है। तभी तो नए आए साहब अब यही कह रहे हैं कि साहब, मेरे आवास को खाली करवा दो।

नायब तहसीलदार का पद तो यहां इस तहसील में अर्से से खाली चल रहा है। लेकिन तहसीलदार मित्र देव का आवास अभी तक उन्हें आवंटित नहीं हो पाया है। वह दूसरी जगह रह रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक यह मामला डीसी राकेश कुमार प्रजापति से भी उठ चुका है लेकिन अभी तक मामला हल नहीं हो पाया है।

लग नहीं रहा है कि पूर्व में ट्रांसफर होकर गए दोनों राजस्व अधिकारियों का इस तहसील परिसर से मोह नहीं छूट पा रहा है। कारण क्या है इस पर भी जानकार कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। वह चर्चा भी करते हैं। लेकिन इन चर्चाओं के बीच परेशानी तो मौजूदा अधिकारियों को हो रही हैं।

दरअसल में पुराने एक तहसीलदार ने अभी तक अपना आवास नहीं छोड़ा है। जिस कारण मौजूदा तहसीलदार को नायब तहसीलदार के आवास में रहना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि उन्हें तबादला हुए एक-दो महीने ही हुए हों, 7 माह पहले उनका तबादला हुआ था और ऐसे ही अब स्कूली सत्र भी समाप्त हो चुका है। इसीलिए सवाल उठना लाजमी है। यहां गेस्ट हाउस के रूप में उन्हें बेहतर बनाया जाए इनमें वेडिंग लगाई जानी थी,ताकि समय पड़ने पर इनका तहसील परिसर में उपयोग किया जा सके।

इन कमरों के भीतर जो सामान पड़ा था उनमें राजस्व संबंधी रिकॉर्ड भी मौजूद था उसे बाहर सामने के भवन के बरामदे में खुले में रख दिया। अब जिस मकसद के लिए इन्हें रेनोवेट किया गया था वह मकसद भी अधूरा रह गया लेकिन इन सालों को खुलवाने की किसी अधिकारी की हिम्मत नहीं हो रही।

इधर डीसी राकेश कुमार प्रजापति का कहना है कि इस मामले में वीरवार को वह जानकारी लेंगे और तभी कुछ बता पाएंगे। लेकिन इस तहसील के तहसीलदार मित्र देव का कहना है की वह नायब तहसीलदार के कमरे में रह रहे हैं क्योंकि नायब सरदार का पद अभी यहां खाली है और जो आवास उनके लिए अधिकृत है उसने पहले के एक तहसीलदार का अभी भी कब्जा है। उन्होंने उसे नहीं छोड़ा है। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि जिन दो कमरों को रेनोवेट किया जाना था उनमें भी एक अधिकारी के ताले लगे हुए हैं। डीसी के ध्यान में यह जानकारी लाई गई है।

गेस्ट हाउस के दोनों कमरों पर ट्रांसफर हो कर गए अधिकारी ने लगाए हैं अपने ताले, भीतर पड़ा है उसी का सामान।

गेस्ट हाउस के कमरों से निकाल कर सामान रख दिया खुले बरामदे में, खराब होता है तो हाेए। राजस्व अधिकारी को इससे क्या लेना-देना।

अिधकारियों पर नहीं करता कोई कार्रवाई

यही नहीं इस तहसील परिसर में जिन दो कमरों को गेस्ट हाउस की रेनोवेशन को तैयार किया गया था, वह काम मुकम्मल हो गया मगर जाते जाते एक राजस्व अधिकारी ने इन दो कमरों में खुद के ताले लगाकर उन्हें बंद कर दिया। सूत्रों के मुताबिक इसमें अभी भी उन्हीं का कब्जा है और भीतर उनका कोई सामान पड़ा है जिसे भी पिछले कई महीनों से नहीं उठा रहे और मौजूदा राजस्व प्रशासन भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाया है। दिलचस्प यह ह कि यहां दो कमरे इसलिए तैयार किए गए थे

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