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युग मर्डर केस में फिर सुनवाई शुरू, पहले दिन चार की गवाही, अभी भी बचे हैं आठ

रामबाजारके चार वर्षीय मासूम युग गुप्ता के अपहरण एवं हत्या के मामले में वीरवार से फिर सुनवाई शुरू हुई।

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 08:45 AM IST

शिमला। रामबाजारके चार वर्षीय मासूम युग गुप्ता के अपहरण एवं हत्या के मामले में वीरवार से फिर सुनवाई शुरू हुई। यह केस जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत में चल रहा है। पहले दिन चार गवाहों के बयान रिकॉर्ड किए गए। अब करीब आठ गवाह बचे हैं। सुनवाई 20 नवंबर तक लगातार चलेगी। इस अवधि में अभियोजन पक्ष को इन सभी गवाहों के बयान रिकाॅर्ड करवाने होंगे। स्टेट सीआईडी की ओर से पूरे मामले में हत्यारोपियों के खिलाफ दोष साबित करने को अदालत में 114 गवाह बनाए गए थे। इनमें से 12 ही गवाह बच गए थे, इनके बयान रिकॉर्ड करने के लिए यह ट्रायल शुरू किया है।


अभियोजन पक्ष जब मामले में सभी गवाहों को पेश करेगा, तो उसके बाद आरोपियों के बयान रिकॉर्ड किए जाएंगे। आरोपियों के बयान के बाद अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष में बहस होगी। अभियान पक्ष का पूरा प्रयास रहेगा कि 20 तक सभी गवाहों के बयान रिकाॅर्ड हो सके।


दो साल बाद सीआईडी ने पकड़े थे आरोपी
युगअपहरण एवं हत्या केस का यह मामला पहले पुलिस के पास था। करीब 9 या 10 महीने के बाद केस जांच के लिए सीआईडी क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। सीआईडी ने दो साल बाद 14 जून 2016 को इस मामले में दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। उसके बाद सीआईडी ने एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया। उसने सीआईडी को शव को टैंक में फेंकने की बात बताई। डीआईजी विनोद धवन के मार्गदर्शन में स्पेशल टीम ने केस की गुत्थी सुलझाई। केस में गठित विशेष टीम में डीएसपी धनसुख दत्त, डीएसपी भूपिंद्र बरागटा, एएसआई अनिल कुमार, राजेश कुमार, एसआई सुरेश कुमार शामिल रहे।


14 जून 2014 को हुआ था अपहरण
रामबाजार के चार वर्षीय युग का अपहरण 14 जून 2014 को हुआ था। अपहरण के सात दिनों के अंदर उसे मार दिया गया और शव भराड़ी स्थित पेयजल टैंक में फेंक दिया था। 22 अगस्त 2016 को मामले में जांच कर रही सीआईडी क्राइम ब्रांच ने भराड़ी स्थित एमसी के पेयजल टैंक के अंदर बाहर से युग की हड्डियां बरामद की। हत्या के आरोपी विक्रांत की निशानदेही पर ये हड्डियां बरामद की। विक्रांत के अलावा मामले में मुख्य आरोपी चंद्र शर्मा और तेजेंद्र पाल आरोपी है। आरोपियों के खिलाफ सुबूत एकत्रित करने के बाद क्राइम ब्रांच ने 25 अक्टूबर 2016 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।