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दो बार एवरेस्ट फतह करने वाले की बिना चीर फाड़ सर्जरी

कभी देश की हिफाजत के लिए डेट तो दो बार दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तो ललित नेगी फतह कर चुके थे।

Bhaskar news | Last Modified - Nov 17, 2017, 08:59 AM IST

दो बार एवरेस्ट फतह करने वाले की बिना चीर फाड़ सर्जरी

शिमला। अपनीहिम्मत और हौसले से सरहद पर कभी देश की हिफाजत के लिए डेट तो दो बार दुनिया की सबसे ऊंची चोटी तो ललित नेगी फतह कर चुके थे। लेकिन अब जीवन में ऐसा मोड़ भी अाया जब पेट के कैंसर को मात देने के लिए मेडिकल साइंस की मदद लेनी थी। लेकिन यहां भी पेट के कैंसर की सर्जरी करनी आसान नही थी। क्योंकि दूसरे हॉस्पिटल इस सर्जरी को काफी पेचीदा बता रहे थे। लेकिन आईजीएमसी के डॉक्टरों ने दूरबीन के जरिए ही ललित नेगी के पेट के कैंसर की सफल सर्जरी कर दी।


दावा किया जा रहा है कि आईजीएमसी में बिना चीर फाड़ के दूरबीन से पहला ऑपरेशन हुआ है। ललित नेगी सेना में रह चुके हैं। इस दौरान वर्ष 2001 2003 में वह दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई भी की। जब वह दूसरी बार एवरेस्ट फतेह करने गए तो उनकी आयु 47 वर्ष थी। वह हिमाचल के जिला किन्नौर के रहने वाले हैं। चिकित्सकों ने इनके आपरेशन को एक चैलेंज के तौर पर लिया तथा उन्हें इसके लिए तैयार किया। आपरेशन के दौरान उन्हें आठ दिन तक आईजीएमसी में चिकित्सकों की देखरेख में रहना पड़ा। आपरेशन के बाद वह बिल्कुल स्वस्थ होकर घर गए।
इस टीम ने किया ऑपरेशन
आईजीएमसीके सर्जरी यूनिट-4 के एचओडी डॉ. आरसी जोबटा की देखरेख में यह ऑपरेशन हुआ। इसमें गेस्ट्रो सर्जरी डॉ. सौरभ ग्लोडा, सर्जरी के डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. विशाल ठाकुर, डॉ. करनदीप गुलेरिया डॉ. सोहेल चौहान शामिल रहे। इससे पहले आईजीएमसी में भी पेट के कैंसर के लिए चीरा लगाकर ही आपरेशन होते थे। मगर इस टीम ने बिना चीर फाड़ के आपरेशन करने की ठानी तथा एक सफल आपरेशन करके मरीजों को परेशानी से बचाया। चीरफाड़ के बाद मरीजों को कई बार समस्या आती थी। खून कम होने लगता था तथा जख्म भरने में भी समय लगता था। मगर दूरबीन से मरीज को अधिक समस्या नहीं आती।


पेट में एक जगह फंस जाता था खाना
काफीसमय से ललित नेगी पेट के कैंसर से परेशान था। कैंसर के चलते उनका खाना पेट में एक जगह फंस जाता था। इसके चलते कई बार उन्हें ब्लड भी रहा था। इलाज के लिए कई अस्पतालों के चक्कर काटे, मगर सभी जगह पर उन्हें सर्जरी की सलाह दी गई। अंत में वह आईजीएमसी में सर्जरी यूनिट के चिकित्सकों के पास पहुंचे। यहां पर सर्जरी यूनिट 4 के एचओडी डॉ. आरसी जोबटा उनकी टीम ने आपरेशन का फैसला दिया। करीब ढाई घंटे तक चले इस आपरेशन के बाद पेट में कैंसर को निकाला गया। अब ललित नेगी बिल्कुल स्वस्थ हैं तथा उन्हें आईजीएमसी छुट्टी कर दी गई है।

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Web Title: do baar evrest fth karne vaale ki binaa chir faade srjri
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