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शिमला में कोर, ग्रीन-फॉरेस्ट एरिया में नए निर्माण पर एनजीटी ने लगाई रोक

एनजीटीने शिमला के कोर, ग्रीन फॉरेस्ट एरिया में किए गए अवैध निर्माणों को नियमित करने आैर नए निर्माण पर रोक लगा दी है।

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 08:25 AM IST

शिमला | एनजीटीने शिमला के कोर, ग्रीन फॉरेस्ट एरिया में किए गए अवैध निर्माणों को नियमित करने आैर नए निर्माण पर रोक लगा दी है। इस फैसले से शहर के अगले हिस्से में जाखू से लेकर बालूगंज तक नए कंस्ट्रक्शन रोक लग गई है। जाखू में ग्रीन एरिया और लिफ्ट से लेकर बालूंगज तक कोर एरिया में नए कंस्ट्रक्शन नहीं होंगे।


इसके अलावा न्यू मर्ज एरिया के तौर पर नगर निगम में शामिल हुए इलाकों में भी अवैध निर्माणों को नियमित करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, एनजीटी ने न्यू मर्ज एरिया में उन लोगों के अवैध निर्माण को नियमित करने की राहत दी है जिन्होंने इन्हें नियमित करने के लिए 13 नवंबर से पहले एप्लाई किया था। -शेषपेज 3 पर
कोर एरिया: छोटेशिमला से बालूगंज का कार्टरोड का पूरा क्षेत्र शामिल है। इसमें शहर के सभी मुख्य बाजार भी हैं।
-ग्रीनएरिया: 17ग्रीन एरिया टीसीपी विभाग ने चयनित किए हैं। इमसें शिमला के जाखू, सेंट्रल शिमला में विक्ट्री टनल से छोटा शिमला तक के जंगल का क्षेत्र है।
-न्यूमर्ज एरिया: शहरके विस्तार में 2007 में छह वार्ड नए शामिल किए थे। इमसें ढली, मल्याणा, चम्याणा, टुटू, कुसुम्पटी, पंथाघाटी आैर न्यू शिमला का क्षेत्र है।


-आेपनएरिया: दसवार्ड ऐसे हैं जो ग्रीन आैर कोर एरिया में नहीं आते हैं। इन्हें शहर का आेपन एरिया कहा जाता है। इसमें रुलदूभट्टा, भराड़ी, कैथू, अनाडेल, समरहिल, बालूगंज का हिस्सा, चक्कर, कच्चीघाटी सहित अन्य क्षेत्र हैं।