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75 दिन बाद अब जाकर क्यों हुई एसपी डीडब्ल्यू नेगी की गिरफ्तारी

सूरज की कोटखाई थाना के लॉकअप के अंदर मौत के मामले में पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी की गिरफ्तारी हैरान कर देने वाली है।

Dainik Bhaskar

Nov 17, 2017, 08:48 AM IST
SP DW Negi s arrest

शिमला. गुड़िया गैंगरेप के आरोपी सूरज की कोटखाई थाना के लॉकअप के अंदर मौत के मामले में पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी की गिरफ्तारी हैरान कर देने वाली है। जिला पुलिस का कस्टोडियन होने के नाते उन्हें पहले ही गिरफ्तार करना चाहिए था, लेकिन सीबीआई ने उन्हें अन्य पुलिसवालों की गिरफ्तारी के 75 बाद अरेस्ट किया। 75 दिन बाद एसपी की क्यों हुई, इसको लेकर अब सवाल खड़े हो गए हैं। सीबीआई को कस्टोडियल डेथ मामले में 29 नवंबर से पहले चालान पेश करना है। ऐसे में सवाल यह है कि कहीं सीबीआई मामले को आगे तो बढ़ाना नहीं चाहती है। कस्टोडियल डेथ मामले में चालान पेश करने के लिए सीबीआई अभी सरकार से प्रॉसीक्यूशन सेंक्शन नहीं ले पाई है। प्रॉसीक्यूशन सेंक्शन के बगैर सीबीआई आईजी समेत अन्य आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश नहीं कर सकती है। आईजी समेत अन्य पुलिसवालों को 29 अगस्त को गिरफ्तार किया था। 29 नवंबर को उनकी गिरफ्तारी को 90 दिन पूरे हो जाएंगे। 25 अक्टूबर को सीबीआई ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि 29 से पहले कस्टोडियल मामले में चालान पेश किया जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने सीबीआई से 30 नवंबर को इस मामले में अंतिम स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

6 जुलाई को मिला था गुड़िया का शव
-गुड़िया का शव 6 जुलाई को तांदी जंगल में मिला था।
-पुलिस ने जांच के लिए 10 जुलाई को एसआईटी बनाई।
-12 को पुलिस ने आशीष चौहान को गिरफ्तार किया।
-13 जुलाई को पुलिस ने राजेंद्र उर्फ राजू, सुभाष बिष्ट, सूरज, लोकजन और दीपक को गिरफ्तार किया था।
-18 जुलाई की रात कोटखाई थाने में सूरज की कस्टोडियल डेथ।
-पांच लोगों की गिरफ्तारी पर सवाल उठे तो सरकार ने इस मामले को सीबीआई के सुपुर्द किया था।

अभी मामले में जांच है अधूरी: सीबीआईकस्टोडियल डेथ मामले में कोर्ट में बार-बार कहती आई है कि इस मामले में जांच पूरी हो गई है। असल में मामले में सीबीआई की जांच अभी अधूरी है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सुबूत जुटाने के लिए सीबीआई ने एक हार्ड डिस्क और 42 मोबाइल में अपने कब्जे में लिए हैं। हार्ड डिस्क और मोबाइल जांच के लिए दिल्ली और हैदराबाद स्थित सीएफएसएल भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट अभी तक आई नहीं है। 24 अक्टूबर को सीबीआई ने हाईकोर्ट में आवेदन दिया था, जिसमें रिपोर्टों आने पर इस मामले में जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था।


कस्टोडियल डेथ में 9वीं गिरफ्तारी, गुड़िया मामले में अभी तक जांच शून्य
कस्टोडियलडेथ मामले में सीबीआई भले ही 9वीं गिरफ्तारी कर वाहवाही लूट रही है, लेकिन जिस गुड़िया गैंगरेप और मर्डर केस सुलझाने के लिए उसे बुलाया था, उसमें जांच का नतीजा अभी भी शून्य ही है। गुड़िया मामले में सीबीआई ने जांच करते हुए पूरे 114 दिन बिता दिए हैं, मगर वह गुनहगारों तक नहीं पहुंच पाई। जिस तरह से कस्टोडियल डेथ में ही गिरफ्तारी की जा रही है कि उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सीबीआई का अधिक ध्यान गुड़िया गैंगरेप के बजाय कस्टोडियल डेथ पर ही रहा। गुड़िया के साथ दरिंदगी करने वाले दरिंदों को सीबीआई कब सामने लाएगी, लोग इसका इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश के 68 लाख लोग सीबीआई से उम्मीद लगाए हैं कि वह गुड़िया को न्याय दिलाए।

गुड़िया के कातिलों को पकड़ कर दिखाए सीबीआई : माकपानेता और पूर्व मेयर संजय चौहान ने कहा कि प्रदेश के लाखों लोगों ने पुलिस का विरोध करते हुए यह केस सीबीआई को इसलिए सौंपने की मांग की थी कि असलियत सामने आएगी, मगर सीबीआई ने जनता का भरोसा तोड़ा है। गुड़िया गैंगरेप मामले में 114 दिन जांच करने के बावजूद सीबीआई के हाथ खाली हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी गुड़िया को कातिलों को पकड़कर देखें, तभी उसका यह आने का मकसद सार्थक होगा। अन्यथा, अधिकारियों का दिल्ली से शिमला आकर बैठने का कोई औचित्य नहीं है। उनका आरोप है कि सीबीआई ने गुड़िया केस से हटकर कस्टोडियल डेथ मामले पर ही अधिक फोकस किया है। जबकि गंभीर मामला गुड़िया के साथ हुए गैंगरेप और हत्या का है।

गिरफ्तारी करने पर भास्कर ने पहले भी उठाया था सवाल
पुलिस लॉकअप में सूरज की मौत मामले में कस्टोडियन यानि एसपी की गिरफ्तारी किए जाने पर भास्कर ने पहले ही सवाल उठाया था। 29 अगस्त को सीबीआई ने इस मामले में आईजी, डीएसपी समेत आठ पुलिसवालों को गिरफ्तार किया था। 31 अगस्त के अंक में भास्कर ने कस्टोडियन को छोड़ देने को लेकर सवाल उठाया था।

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