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20 साल की उम्र में सड़क हादसे में पति खो चुकी थी पूजा, सुनील ने थामा हाथ

कृषि एवं ग्रामीण बैंक में पार्ट टाइम नौकरी करने वाले सुनील ने एक विधवा से ब्याह रचाया है।

Dainik Bhaskar

Nov 17, 2017, 08:38 AM IST
sunil marry with widow women

सराहां। सुनील चाहता, तो वह भी अपनी जात बिरादरी की नौकरीपेशा लड़की को जीवनसंगिनी बना सकता था, मगर उसने एक ऐसा फैसला लिया जो समाज के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है। कृषि एवं ग्रामीण बैंक में पार्ट टाइम नौकरी करने वाले सुनील ने एक विधवा से ब्याह रचाया है। वीरवार को उसने सराहां के शिव मंदिर में गाजे-बाजे के साथ पूजा के साथ अग्नि के फेरे लिए और उसकी मांग भरी। 20 वर्ष की छोटी उम्र में अपना पहला पति खो चुकी पूजा का मायका वैसे तो मानगढ़ गांव में है, मगर उसके ससुराल पक्ष ने उसे बेटी की तरह विदाई दी। नेहरस्वार के लगाहं गांव में ब्याही पूजा की एक बेटी राधिका भी है। सुनील ने उसे भी कानूनन गोद ले लिया है, जो उसे पिता का नाम देगा। 11 जुलाई, 2015 को पूजा के पति की एक सड़क हादसे में जान चली गई थी।


पूजा की विदाई के समय उसके ससुर जागर सिंह की आंखें बार-बार भरी जा रही थी। उन्होंने बताया हमारे जीते जी तो उनकी पुत्रवधु घर में रह लेती, मगर उसके बाद क्या होता यही चिंता उन्हें सताए जा रही थी। अब उसे जीवन साथी मिल गया है, तो उनकी यह चिंता भी अब दूर हो गई है।


दोनों के सिर पर नहीं पिता का साया : सराहां ग्रामपंचायत के आंजी सिवत गांव निवासी 26 वर्षीय सुनील कृषक परिवार से है। बचपन में ही सिर से पिता का साया उठ गया। पूजा के पिता भी काफी पहले चल बसे हैं। सुनील ने बताया कि उनकी जान-पहचान ज्यादा पुरानी नहीं है। सब कुछ एक महीने में हुआ। पूजा की जान-पहचान सुनील की भतीजी से थी। शादी की बात चलाई तो मामूली जांच पड़ताल के बाद सभी सहमत हो गए।


बेटे के निर्णय से मां कमला भी खुश : सुनील की 65 वर्षीय माता कमला देवी अपने बेटे के इस निर्णय से खुश है। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में ऐसा होना मुश्किल है। उन्हें पूजा जैसी बहू मिली है। साथ में राधिका के रूप में घर में लक्ष्मी आई है। उनके लिए यह बड़े ही सौभाग्य की बात है। वह पूजा को अपनी बेटी की तरह रखेंगी।

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