Hindi News »Himachal »Kullu» टनल निर्माण में लगे मजदूरों के लिए लगी बस भी की बंद

टनल निर्माण में लगे मजदूरों के लिए लगी बस भी की बंद

अब दस-दस किमी पैदल सफर कर रहे हैं मजदूर

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:00 AM IST

अब दस-दस किमी पैदल सफर कर रहे हैं मजदूर

रोजमर्रा का सामान भी पीठ पर पहुंचा रहे हैं ठिकाने पर

सिटी रिपोर्टर | कुल्लू

रोहतांग टनल निर्माण में लगे मजदूरों को छोड़ने और लाने के लिए कंपनी की ओर से लगाई गई बस भी बंद कर दी गई है। जिससे मजदूरों को सुबह शाम दस-दस किलोमीटर का पैदल सफर करना पड़ रहा है। टनल निर्माण में लगे मजदूर जो जिसका कैंप सोलंगनाला में है उन्हें सुबह रोहतांग टनल तक दस किलोमीटर का सफर करना पड़ रहा है और साथ में शाम को काम से छुट्टी होने के बाद फिर दस किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है।

हालांकि इससे पहले एफ कॉन स्ट्रा वैग कंपनी की ओर से बाकायदा मजदूरों को काम पर लाने और छोड़ने के लिए बस सेवा उपलब्ध करवाई थी जो मजदूरों को समय पर काम पर पहुंचाती थी और छुट्टी होने पर वापिस उनके ठिकाने तक पहुंचाती थी लेकिन रविवार से कंपनी ने यह बस बंद कर दी है। जिसके चलते मजदूरों को अब पैदल सफर ही करना पड़ रहा है।

रोजमर्रा का सामान भी पीठ पर

टनल निर्माण में लगे मजदूरों को सिर्फ पैदल सफर ही नहीं रोजमर्रा का सामान भी पीठ पर ढोना पड़ रहा है। सामान लाने के लिए वाहन भी

नहीं दिया जा रहा है। मजदूरों को खाने पीने की बस्तुओं से लेकर हर रोजमर्रा का सामान दस किलोमीटर दूर सोलंग ने राेहतांग टनल तक पहुंचाना पड़ रहा है। ऐसे में मजदूरों का सारा समय सामान ढोने में व्यतीत हो रहा है।

मजदूरों ने खुलासा किया कि जब उन्हें मैस बाला खाना छोड़ने टनल के मुहाने तक आता है तो जब सारे मजदूर खाने के लिए एकत्रित होते हैं तो मैस बाला एक बार ही खाना देकर निकल जाता है ऐसे में मजदूरों को पूरा खाना भी नहीं मिल पा रहा है और भूखे पेट टनल में काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। टनल के आसपास न तो कोई दुकान और न ही कोई ढा़बा जहां वे खाना अादि खा सके।

इतना ही नहीं टनल के पास रहने वाले मजदूरों को एक छोटा सा ब्रश लाने के लिए भी दस किलोमीटर दूर सोलंगनाला आना पड़ता है।

काम पर पहुंचना मुश्किल

रोहतांग टनल निर्माण में लगे मजदूरों की माने तो उन्हें रोजमर्रा और खाने पीने का सामान ठिकाने तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। भारतीय मजदूर संघ के प्रधान धर्मेंद्र का कहना है कि हालांकि इससे पहले कंपनी की ओर से मजदूरों को खाने पीने आदी का सामान पहुंचाने के लिए गाड़ी दी जाती थी और मजदूरों को लाने ले जाने के लिए बस भेजी जाती थी लेकिन अब ये सब बंद कर दिया है। मजदूरों को अब खाने का सामन पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Kullu

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×