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जल्द ही प्रदेश के मैदानी इलाकों की सड़कों पर भी दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें

पर्वतीय राज्य हिमाचल में पर्यावरण सुरक्षा के मद्देनजर एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसें जल्द ही प्रदेश के मैदानी...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:00 AM IST

पर्वतीय राज्य हिमाचल में पर्यावरण सुरक्षा के मद्देनजर एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसें जल्द ही प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। बिलासपुर डिपो को ऐसी पाॅल्यूशन व साउंड फ्री बसें जल्द मिलने की उम्मीद है। वहीं, कुल्लू डिपो के बेड़े में शामिल की गईं 25 इलेक्ट्रिक बसें भी विंटर सीजन में निचले हिमाचल में चलाई जाएंगी।

पर्यावरण की सेहत बिगड़ने से बचाने के लिए एचआरटीसी ने इलेक्ट्रिक वाहन चलाने शुरू कर दिए हैं। बिलासपुर में भी मिनी इलेक्ट्रिक वैन के माध्यम से इसकी शुरुआत हो चुकी है। वहीं, एनजीटी के निर्देशों पर अमल करते हुए कुल्लू डिपो को 25 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जिन्हें मनाली-रोहतांग रूट पर चलाया जाएगा। इसी कड़ी में हिल्स क्वीन शिमला को भी ऐसी ही 50 बसें जल्द मिलने जा रही हैं। एचआरटीसी के बिलासपुर डिपो के आरएम पवन शर्मा के अनुसार जिला के लिए ऐसी 5 बसें मांगी गई हैं। पाॅल्यूशन व साउंड फ्री इन बसों की बैटरी 3 घंटे तक चार्ज करने के बाद पहाड़ी क्षेत्रों में उनकी माइलेज 160, जबकि मैदानी क्षेत्रों में 200 से 240 किलोमीटर तक मिलेगी।

पायलट आधार पर शुरू किया जा रहा प्रोजेक्ट: एचआरटीसी के मुख्य महाप्रबंधक एचके गुप्ता के अनुसार परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर के प्रयासों से हिमाचल को यह प्रोजेक्ट मिला है। इसे पायलट आधार पर शुरू किया जा रहा है। इसकी शुरुआत मिनी वैन के माध्यम से हो चुकी है। मनाली-रोहतांग रूट पर चलाने के लिए कुल्लू डिपो को दी गई 25 इलेक्ट्रिक बसें विंटर सीजन के दौरान पर्यटन नगरी में बर्फबारी की वजह से बिलासपुर व मंडी डिपो के माध्यम से चलाई जाएंगी। इसी तरह शिमला में चलाने के लिए जल्द ही 50 बसें भी निगम के बेड़े में शामिल होंगी।

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