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स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए तय राशि से अधिक वसूली करने का आरोप

प्रदेश यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम में स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए अनुबंधित की गई कंपनी द्वारा सरकार द्वारा...

Danik Bhaskar | Apr 30, 2018, 02:00 AM IST
प्रदेश यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम में स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए अनुबंधित की गई कंपनी द्वारा सरकार द्वारा तय की गई राशि से अधिक वसूली करने का लोगों ने आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि सरकार ने इस योजना में स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए 365 रुपए और कंपनी की कमीशन मिला कर कुल 379 प्रति परिवार राशि तय की है। कंपनी इसके लिए 400 से 500 रुपए की मनमानी करके वसूली कर रही है। ऊपर से लोगों को वसूल की गई राशि की रसीद भी नहीं दी जा रही है। निकटवर्ती बेला गांव में कंपनी द्वारा स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए पंचायत घर में किए गए आयोजन में भी इसके लिए लोगों से 365 के स्थान पर 400 रुपए वसूले गए और रसीद भी नहीं दी गई।

गांव के लोगों अजय, सुरेश, दिनेश आदि ने बताया कि उन्होंने स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए कंपनी के कर्मचारी को 400 रुपए की राशि दी। इतनी ही राशि नगर पंचायत कार्यालय में लगाए गए कंपनी के शिविर में भी उपभोक्ताओं को मजबूरी में भरनी पड़ी। कई लोगों का यह है कि उन्होंने हमीरपुर में जाकर स्मार्ट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी की जिसके लिए 450 रुपए कंपनी ने वसूले। लोगों में रोष है कि यह गड़बड़ झाला पंचायतों जैसे सरकारी कार्यालयों में कंपनी द्वारा सरेआम किया जा रहा है परन्तु सब कुछ जानते हुए जन प्रतिनिधि भी इस पर मौन बने हुए है।

सीएमओ डॉ. सावित्री कटवाल ने कहा कि सरकार द्वारा इसके लिए कंपनी की कमीशन सहित कुल 379 रुपए की राशि तय की है। अगर कोई इससे अधिक वसूली करता है तो यह गलत है। उन्होंने कहा कि यदि इस बारे शिकायत आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्व विधायक विजय अग्निहोत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा लोगों के लिए आरंभ की गई इस योजना के संबंध में यदि किसी ने भी लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया तो इसका कड़ा संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से भी आग्रह किया है कि यह कार्ड बनवाने में आम लोगों का सहयोग बूथ स्तर पर करें।