नदौन

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अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ दो धड़ों में बंटा

नादौन | अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ हाल ही में हुए नादौन इकाई के चुनावों के बाद दो-गुटों में बंट कर रह गया है। नौबत...

Dainik Bhaskar

Apr 19, 2018, 02:05 AM IST
नादौन | अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ हाल ही में हुए नादौन इकाई के चुनावों के बाद दो-गुटों में बंट कर रह गया है। नौबत यहां तक आ गई है कि अश्वनी शर्मा के नेतृत्व वाले महासंघ के नादौन मंडल ने दूसरे गुट के प्रधान दरशोक सिंह महासचिव कश्मीर सिंह तथा चीफ एडवाइजर राणू राम को तीन वर्षों के लिए महासंघ से निष्कासित कर दिया है।

यहां जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में महासंघ के जिला उपप्रधान बलदेव प्रकाश मंडयाल ने बताया कि महासंघ की स्थानीय ईकाई की बैठक उनकी अध्यक्षता में हुई। जिसमें महासंघ उपरोक्त तीनों को निष्कासित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कुछ मुट्ठी भर लोग अपने हितों को साधने के लिए महासंघ को हथियार बना रहे है तथा ऐसे लोग कर्मचारी हित में नहीं है और बिना अनुमति कुछ मुट्ठी भर कर्मचारियों को साथ लेकर स्वयं -भू पदाधिकारी बन बैठे है। जोकि महासंघ के संविधान के विरुद्ध है।

मंडयाल ने कहा कि महासंघ के इन लोगों ने जिला इकाई से ही रसीद बुके लेकर सहायता की। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि इन स्वयं भू-पदाधिकारियों ने रसीद बुके तो जमा करवा दी परंतु काटी गई मैंबर शिप राशि को जमा नहीं करवाए। मंडयाल ने कहा कि जब कर्मचारियों में ऐसे लोगों को नकार दिया तो इन लोगों ने कर्मचारियों से धोखा करके दूसरा गुट खड़ा कर लिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने मात्र के कर्मचारियों को इकट्ठा किया और खुद ही पदाधिकारियों बन बैठे जिस पर कार्यवाही करते हुए इन्हें तुरंत प्रभाव से महासंघ की सहजता से तीन वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है। मंडयाल ने कहा कि जब मार्च महीने में इकाई का चुनाव हो चुका है तो इस समानान्तर चुनाव करवाने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

आनन फानन में समय से पहला करवाया गया चुनाव, उधर दरशोक, कश्मीर सिंह तथा राणू राम ने कहा कि सदस्यता अभियान चलाया गया था और उससे पहले चुनाव करवाना सहासंघ के संविधान का उल्लघंन है। उन्होंने कहा कि जिस चुनाव की बात जिला प्रधान बलदेव प्रकाश मंडयाल कर रहे है उस चुनाव की न तो हमें कोई जानकारी दी गई और न ही हमें बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि हम पहले भी महासंघ की नादौन इकाई के पदाधिकारी थे तो संविधान के अनुसार हमें चुनाव में बुलाया जाना अति आवश्यक था।

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