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छह बार रहे मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र का अस्पताल खुद बीमार

चार जिलों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवा रहे खनेरी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का आलम कुछ...

Dainik Bhaskar

May 08, 2018, 02:05 AM IST
छह बार रहे मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र का अस्पताल खुद बीमार
चार जिलों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवा रहे खनेरी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का आलम कुछ अलग ही है। सरकार चाहे कांग्रेस की रही हो या फिर भाजपा की, इस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों के सिवाय मरीजों को आज तक कुछ नहीं मिल पाया है। हर रोज जिला किन्नौर, शिमला, कुल्लू और मंडी से भले ही यहां इस उम्मीद के साथ पहुंचते हैं कि उन्हें यहां बेहतर उपचार मिलेगा, लेकिन उनकी उम्मीदों पर उस वक्त पानी फिर जाता है जब वे यहां डॉक्टर और अन्य सुविधाओं की कमी के बारे में जान पाते हैं। प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह के गृहक्षेत्र में स्थित अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल यह है। हालांकि हर बार विधान सभा चुनाव में यहां कांग्रेस प्रत्याशी ही जीत दर्ज करता है, लेकिन फिर भी यहां स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हो पाया। रामपुर विस के विधायक नंद लाल पूर्व में सीपीएस स्वास्थ्य रह चुके हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में भी यहां स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई ही रही।

हर रोज 800 से 900 रहती है खनेरी अस्पताल की ओपीडी

अब भाजपा के सत्तासीन होते ही एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट का भी अस्पताल से तबादला हो चुका है और मरीज निजी क्लीनिकों में लुटने को मजबूर हैं। हालांकि खनेरी अस्पताल में हर रोज 800 से 900 तक की ओपीडी रहती है। ऐसे में अस्पताल में जो सुविधा 200 रुपये में मिलती है, उसी सुविधा के लिए मरीजों को निजी क्लीनिकों में 700 से 800 रुपये चुकाने पड़ते हैं। यही नहीं आए दिन अस्पताल में एक्सरे मशीन भी जवाब दे देती है, लेकिन मरीजों को फिर निजी क्लीनिकों का रूख करना पड़ता है। वहीं भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में आए दिन हो रहे हादसों के मरीजों के उपचार के लिए यहां आज तक एक ट्रॉमा सेंटर का निर्माण नहीं हो पाया है। चार जिलों में दर्जनों ऐसे हादसे पेश आ चुके हैं, जिनमें मरीज को त्वरित उपचार न मिलने के कारण अकाल मौत का ग्रास बनना पड़ा है। अस्पताल में जब तक ट्रॉमा सेंटर नही बनेगा तब तक पीडि़तों को शिमला के चक्कर लगाने होंगे। करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस ट्रॉमा सेंटर के लिए अभी कई वर्षों का और इंतजार करना होगा।

महात्मा गांधी चिकित्सा परिसर खनेरी रामपुर बुशहर।

अस्पताल में विभिन्न वर्गों के100 पद है रिक्त

वर्तमान समय में खनेरी अस्पताल में डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ के रिक्त पदों का आंकड़ा100 के पार पहुंचने वाला है। सबसे हैरानी वाली बात तो यह है कि बीते डेढ़ वर्ष से भी अधिक समय से आखों के मरीजों के लिए एक डॉक्टर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। इसके चलते अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को शिमला के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में एक एमएस, 10 मेडिकल ऑफिसर, एक स्किन स्पेशलिस्ट, 1 रेडियोलॉजिस्ट, 9 फार्मासिस्ट, मैट्रन, वार्ड सिस्टर और स्टाफ नर्स के एक एक पद, 2 एएनएम, 3 लैब तकनीशियन, 2 ओटीए, 1 अकाउंटेंट, 1 स्टोरकीपर, 2 एनओ, 1 धोबी, 25 स्वीपर, 1 डेंटल मैकेनिक, 2 किचन ब्वॉय, 15 पद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, रेफरेक्शनिस्ट, ईसीजी टैक, इलैक्ट्रेशन, एमएचएस, एफएचएस, प्लमर, लैब असिस्टेंट, मेडिकल रिकॉर्ड कीपर, गैस मैकेनिक, फिजियोथैरेपिस्ट के एक-एक पद और कुक मेट के दो पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का क्या हाल होगा? इन रिक्त पदों से लगाया जा सकता है।


सरकार पर दबाव बनाएंगे:नंदलाल : भाजपा के सत्तासीन होते ही खनेरी अस्पताल से एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट का तबादला किया गया है, ताकि निजी क्लीनिकों के मालिकों लाभ पहुंचाया जा रहा है। हालांकि विधान सभा में मुख्यमंत्री के समक्ष भी इस मुद्दों को उठाया गया था। लेकिन अभी तक इस रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। चार जिलों के लोगों के स्वास्थ्य सेवाओं को देखते हुए खनेरी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती होना अनिवार्य है। जल्द ही कांग्रेस अस्पताल में रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार पर दबाव बनाएगी। नंदलाल, विधायक रामपुर बुशहर।

जल्द भरेंगे पद :एमएस


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