रामपुर

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बाहली, नेहरा और पलजारा स्कूल एक-एक शिक्षक के सहारे, कैसे होगी पढ़ाई

प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और...

Dainik Bhaskar

May 10, 2018, 02:05 AM IST
प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है। रामपुर खंड के केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला बाहली, नेहरा और पलजारा स्कूल एक-एक शिक्षक के हवाले चल रहे हैं। ऐसे में बच्चों का भविष्य कैसे उज्जवल होगा ? इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों के अभिभावकों में प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के प्रति गहरा रोष है। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है, ताकि बच्चों को बेहतर और गुणात्मक शिक्षा मिल सके।

केंद्रीय स्कूल बाहली की स्कूल प्रबंधन समिति ने स्कूल में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों को भरने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को ज्ञापन भेजा है। केंद्रीय प्राथमिक स्कूल बाहली के एसएमसी अध्यक्ष गुलाब सिंह, सदस्य राकेश, दिवान सिंह, स्नेह लता, निर्मला और अन्य अभिभावकों का का कहना है कि केंद्रीय प्राथमिक स्कूल बाहली में पहली से पांचवी कक्षा में 33, नेहरा स्कूल में 31 और पलजारा स्कूल में 12 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में पहली से पांचवी कक्षा के बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा एक एक शिक्षक ही उठाए हुए है। उन्होंने कहा है कि इस तरह की पढ़ाई से बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा ? एसएमसी ने मुख्यमंत्री से जल्द से जल्द बाहली, नेहरा और पलजारा स्कूल में शिक्षकों की तैनाती करने की मांग की है।

स्कूल में ये पद रिक्त

राजकीय केंद्रीय प्राथमिक स्कूल में बाहली में जेबीटी के 3 पदों में से 2 पद बीते वर्ष सितंबर माह से रिक्त, नेहरा में सितंबर 2017 और पलजारा में मार्च माह से जेबीटी के 1-1 शिक्षक के पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में तीनों स्कूलों में 76 विद्यार्थियों की पढ़ाई 1-1 शिक्षक के सहारे ही चल रही है। खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी रामपुर शशि बाला नेगी ने बताया कि स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को लेकर समय समय पर विभागाधिकारियों को सूचित किया जाता है। उम्मीद जताई कि जल्द ही इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती होगी।

सापनी स्कूल में छह प्रध्यापकों के पद खाली, काम प्रभावित

अभिभावकों ने जनजातीय क्षेत्र के स्कूल के बच्चों के साथ खिलवाड़ पर जताई चिंता

भास्कर न्न्यूज| रिकांगपिओ

सरकार की सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने की फरमान किन्नौर में अमल नही हो रहा है। यही नही प्रदेश में जब भी नई सरकार का गठन होता है तो जनजातीय क्षेत्र के स्कूलो से धड़ाधढ़ तबादले होने शुरू हो जाते है और इस का विपरित असर जनजातीय क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ता है। यही नही जिला भर के अभिभवाकों को अब फिर चिंता सताने शुरू हो गई है।

किन्नौर के कल्पा खंड के तहत सीनियर सकेंडरी स्कूल सापनी में 6अध्यापकों के पद खाली चल रहा है। जबकि 4 पद नॉन टीचिंग के पद खाली है। हैरानी इस बात की है कि जंहा प्रदेश की भाजपा सरकार सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने व शिक्षकों के स्थांतरण नीति लाने की दुहाई देती है। वहीं जिला किन्नौर के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सरकार के गठन के चार माह में ही चार लेक्चरों लेक्चरर मेथ्स,अर्थ शास्त्र,टीजीटी आर्ट्स ,व अध्यापक शास्त्री का स्थांतरण कर दिया गया। जब कि पहले से ही डीपी,पीईटी व 4 नॉन टीचिंग के पद खाली चल रहा है। बदले में अब तक किसी ने भी जवाईनिग नही की है। इसी तरह नॉन टीचिंग में अधीक्षक वर्ग एक पद, लिपिक एक पद, एल ए व चौकीदार का एक एक पद खाली चल रहा है। गौर रहे कि इस स्कूल में करीब 120 छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे है। मगर अध्यपकों केे करीब 6 पद रिक्त होने से अभिवाहकों को अपने बच्चों का भविष्य अंधकार में लग रहा है। स्कूल में अध्यपको के रिक्त पद को लेकर पंचायत सापनी ने कड़ा संज्ञान लिया है।

पंचायत प्रधान चैन राम नेगी ने कहा कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सापनी में अध्यापको के रिक्त पद के कारण स्कूल में पढ़ रहे 120 छात्रों का भविष्य अंधकार में लग रहा है।स्कूल में अब ताला लगने की नोबत आ गई है। उन्होंने कहा कि सरकार एक साथ स्कूल स्टाफ को स्थांतरण कर स्कूल को खाली करना न्याय संगत नही है

पंचायत ने बकायदा प्रस्ताव पारित कर प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को पत्र लिख कर सापनी स्कूल में रिक्त पदों को शीध्र भरने की मांग की है। ताकि छात्रों का पढ़ाई बाधित ना हो। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेकर एक जनजातीय क्षेत्र के स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के साथ खिलवाड़ न करे।


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