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नई स्कूल ड्रेस में हुआ बच्चों का अंतिम संस्कार, बहन बोली- मनहूस दिन में खरीदी थी

खवाड़ा गांव के एक ही परिवार के दो भाइयों के पूरे परिवार को वक्त ने एेसा जख्म दिया है जो ताउम्र नहीं भर पाएगा।

Dainik Bhaskar

Apr 11, 2018, 04:42 AM IST
खवाड़ा गांव में अंतिम विदाई में बहन नरेश कुमारी भाइयों की अर्थियों पर उनकी ड्रेस रखती हुई। खवाड़ा गांव में अंतिम विदाई में बहन नरेश कुमारी भाइयों की अर्थियों पर उनकी ड्रेस रखती हुई।

खवाड़ा (हिमाचल)। कांगड़ा बस हादसे में हुई 23 बच्चों की मौत के बाद मंगलवार को अलग-अलग जगहों पर इनका अंतिम संस्कार हुआ। खवाड़ा गांव के दो सगे भाइयों के 4 बच्चों को भी इस हादसे ने छीन लिया। एक ही परिवार के दो भाइयों के पूरे परिवार को वक्त ने एेसा जख्म दिया है जो ताउम्र नहीं भर पाएगा। बच्चों के लिए खरीदी गई वर्दियां अभी उन्होंने पहननी भी शुरू नहीं की थीं। इसीलिए इन दोनों भाइयों के चारों बच्चों के अंतिम सफर पर विदा होने से पहले उनकी इकलौती बची लाडली बेटी नरेश कुमारी ने अपने भाई-बहनों को इन वर्दियों को ओढ़ा कर विदा किया। यह वर्दियां पिछले हफ्ते ही खरीदी गई थीं। एक ही अवाज आ रही थी ये वर्दियां मनहूस दिन में खरीदी गई...

- स्कूल में दाखिला लेेने के बाद इनका एक-एक जोड़ा इन बच्चों ने पहली बार सोमवार को पहना था, लेकिन एक-एक वर्दी अभी ज्यों की त्यों भीतर रखी हुई थी जो आखिरी सफर में साथ गई।

- इन भाइयों की बहन नरेश कुमारी फूट-फूट कर राे रही थी। वह कमरे में बार-बार जा रही थी कभी वर्दियां लाती तो कभी जूते या फिर कभी जुराबें लाकर भाइयों के पांव साथ रखती।

- नरेश अपने पापा के साथ जब बिलख कर रो रही थी तो उसके मुंह से यही आवाज निकल रही थी कि यह वर्दियां मनहूस दिन में खरीदी गई थीं।

23 बच्चों सहित 27 लोगों की हुई थी मौत...

सोमवार को कांगड़ा के नूरपुर के गहल गुरचाल में बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से 27 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 23 बच्चे (13 लड़के, 10 लड़कियां) दो टीचर, एक ड्राइवर व एक महिला शामिल है जिसने लिफ्ट ली थी। बस में कुल 37 लोग थे। सोमवार को लगभग 4.30 बजे स्कूल से छुट्टी होने के बाद निजी स्कूल की बस बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी। चेली गांव के समीप संकरे रास्ते में एक मोटरसाइकिल वाले को साइड देते हुए बस अनियंत्रित हो गई और 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

नूरपुर स्कूल बस दुर्घटना में मारे गए खुवाड़ा गांव के एक ही परिवार के चार बच्चे जिनकी अर्थियों को देखकर मां बिलख-बिलख कर रोते हुए अचेत हो गई। नूरपुर स्कूल बस दुर्घटना में मारे गए खुवाड़ा गांव के एक ही परिवार के चार बच्चे जिनकी अर्थियों को देखकर मां बिलख-बिलख कर रोते हुए अचेत हो गई।
एक साथ जलीं 8 बच्चों की चिताएं। एक साथ जलीं 8 बच्चों की चिताएं।
कांगड़ा बस हादसे के बाद की तस्वीर। कांगड़ा बस हादसे के बाद की तस्वीर।
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खवाड़ा गांव में अंतिम विदाई में बहन नरेश कुमारी भाइयों की अर्थियों पर उनकी ड्रेस रखती हुई।खवाड़ा गांव में अंतिम विदाई में बहन नरेश कुमारी भाइयों की अर्थियों पर उनकी ड्रेस रखती हुई।
नूरपुर स्कूल बस दुर्घटना में मारे गए खुवाड़ा गांव के एक ही परिवार के चार बच्चे जिनकी अर्थियों को देखकर मां बिलख-बिलख कर रोते हुए अचेत हो गई।नूरपुर स्कूल बस दुर्घटना में मारे गए खुवाड़ा गांव के एक ही परिवार के चार बच्चे जिनकी अर्थियों को देखकर मां बिलख-बिलख कर रोते हुए अचेत हो गई।
एक साथ जलीं 8 बच्चों की चिताएं।एक साथ जलीं 8 बच्चों की चिताएं।
कांगड़ा बस हादसे के बाद की तस्वीर।कांगड़ा बस हादसे के बाद की तस्वीर।
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