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राजस्थान की माधव यूनिवर्सिटी में मिलीं मानव भारती की 1300 फर्जी डिग्रियां
}फर्जी डिग्री की अहम कड़ी... राजकुमार राणा
मानव भारती यूनिवर्सिटी का फर्जी डिग्री का खेल कई राज्यों में चल रहा था। इस संबंध में पुलिस के हाथ अहम सबूत लगे हैं। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने इस मामले में होली के दिन 10 मार्च को यूनिवर्सिटी के एक पूर्व डाटा ऑपरेटर प्रमोद सिंह निवासी करनाल, हरियाणा को गिरफ्तार किया है। कंप्यूटर से संबंधित कामकाज को वही देखता था। उसपर यूनिवर्सिटी से बाहर रहकर इस रैकेट से जुड़ा होने का संदेह है। उसकी निशानदेही पर ही पुलिस ने बीते मंगलवार रात 12 बजे के करीब राजस्थान के सिरोही में आबू रोड स्थित माधव यूनिवर्सिटी में छापा मारा। वहां से भारी मात्रा में मानव भारती यूनिवर्सिटी के दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। माधव यूनिवर्सिटी से 1300 डिग्रियां मिली हैं जाे फर्जी हैं। इसके अलावा चार अटेंडेंस रजिस्टर, चार डिस्पेच रजिस्टर, कम्प्यूटर व स्टेंप्स समेत अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच में पता चला है कि मानव भारती यूनिवर्सिटी में पुलिस की गतिवििधयां बढ़ने के बाद यहां के दस्तावेज माधव यूनिवर्सिटी मंे शिफ्ट किए गए। प्रमोद से पूछताछ के बाद ही माधव यूनिवर्सिटी में छापा मारा गया। प्रशासनिक ब्लॉक सील कर दिया है। वहीं इस मामले में मानव भारती चेरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन राजकुमार राणा का नाम भी आया है। पुलिस का दावा है कि उनके पहुंचने से पहले राणा गायब हो गया।
}कोर्स बंद पर डिग्रियां बांट रही थी यूनिवर्सिटी...
फर्जी डिग्री मामले में खुलासे के दौरान अहम कड़ी के रूप में राजकुमार राणा का नाम सामने आ रहा है। वे मानव भारती चेरिटेबल ट्रेस्ट के चेयरमैन हैं। मानव भारती यूनिवर्सिटी भी इसी ट्रस्ट की है। माधव यूनिवर्सिटी के चेयरमैन भी राजकुमार राणा ही हैं। पुलिस के अनुसार राणा से पूछताछ के बाद मामले में अहम खुलासे हो सकते हैं।
शिकायताें की जांच करेगी सरकार: सीएम
शिमला| प्रदेश में फर्जी डिग्री बेचने वाली जितनी भी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज के खिलाफ शिकायतें मिली हैं, सरकार जांच के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। सीएम जयराम ठाकुर ने विधानसभा में यह बात कही। उन्होंने कहा कि मानव भारती यूनिवर्सिटी फर्जी डिग्री मामले की जांच में अब तक सामने आया है कि 2009 से 2015 तक बांटी गई 305 मार्कशीट फर्जी थी। इंडस यूनिवर्सिटी में भी फर्जी डिग्री का मामला सामने आ चुका है। इसकी जांच चल रही है। शिमला स्थित एपीजी यूनिवर्सिटी में भी मामला आया था। उसकी जांच स्टेट सीआईडी कर रही है।
इस मामले में अब तक दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जांच में कई अहम तथ्य सामने आने के बाद राजस्थान के आबूरोड स्थित माधव यूनिवर्सिटी में रेड के दौरान मानव भारती यूनिवर्सिटी से जुडे कई दस्तावेज मिले हैं।
-डॉ. शिव कुमार शर्मा, एएसपी, सोलन
मानव भारती यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री का कनेक्शन माधव यूनिवर्सिटी में मिला है। यहां डिग्रियां व अन्य दस्तावेज एसआईटी टीम साथ ले गई है और प्रशासनिक ब्लॉक को सीज कर दिया गया है।
-कल्याणमल मीणा, एसपी, सिरोही
}कई आंसरशीट मिली, जिनके पीछे लिखा: 35 हजार रुपए आरटीजीएस से वसूले गए... फर्जी डिग्री के मामले में मानव भारती यूनिवर्सिटी का नाम लंबे समय से चल रहा था। एक महिला की शिकायत पर हिमाचल पुलिस ने शनिवार को यूनिवर्सिटी में छापेमारी की। इसके बाद दो नई एफआईआर भी दर्ज हुई। एसएचओ धर्मपुर सहदेव पहले दर्ज मामले की जांच के लिए वहां पहुंचे तो वहां स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड व सॉल्व की गई आंसर शीट्स बरामद की गई। वहां रखी ज्यादातर आंसर शीट चैक तक नहीं थी। ऐसी आंसरशीट भी मिली जिनमें कई जगह कटिंग की हुई थी। यूनिवर्सिटी के स्टोर को खंगला तो 10 हजार डिग्रियां मिली, जिन पर नाम तक नहीं थे। एसपी अभिषेक यादव की अध्यक्षता में गठित एसआईटी टीम ने लगातार चार दिनों तक रेड की और इस दौरान आईजी आसिफ जलाल भी मौके पर मौजूद थे। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि रेड के दौरान कुछ आंसरशीट मिलीं जिन्हें चेक ही नही किया गया है। कई आंसरशीट बिल्कुल खाली हैं, जिनके पीछे लिखा हुआ है 35 हजार रुपए आरटीजीएस से वसूले गए हैं।
मानव भारती यूनिवर्सिटी में पुलिस ने शनिवार को रेड कर वहां के स्टोर रूम से 10 हजार डिग्रियां बरामद की थीं। यह एेसे कोर्स की डिग्रियां थीं जो काफी पहले बंद हो गए थे, लेकिन यूनिवर्सिटी डिग्री बांट रही थी। पुलिस ने जांच के लिए यूनिवर्सिटी के कंप्यूटरों की 60 हार्ड डिस्क, छह लैपटॉप कब्जे में लिए हैं। एएसपी सोलन डॉ. शिव कुमार शर्मा ने गिरफ्तारी और रेड की पुष्टि की है। वहीं बुधवार को भी एसपी और एएसपी सोलन समेत एसआईटी की टीम यूनिवर्सिटी में जांच में जुटी रही और स्टाफ से पूछताछ की गई।