वैट लीजिंग पर चल रही 30 वोल्वाे समेत सड़क से हटेंगी 75 डीलक्स और एसी बसें

Shimla News - वैट लीजिंग पर चल रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें अब बंद हाेगी। पूर्व कांग्रेस सरकार के समय चलाई गई वैट लीजिंग...

Bhaskar News Network

Oct 10, 2019, 07:30 AM IST
Shimla News - 75 deluxe and ac buses to be removed from the road including 30 volva running on vat leasing
वैट लीजिंग पर चल रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसें अब बंद हाेगी। पूर्व कांग्रेस सरकार के समय चलाई गई वैट लीजिंग स्कीम फेल हाे गई है। इससे एचअारटीसी काे कराेड़ाें रुपए का घाटा हाे रहा है। अब वर्तमान सरकार ने निर्णय लिया है कि वैट लीजिंग के तहत हुए एमअाेयू काे अब रिन्यू नहीं किया जाएगा। एेसे में दिवाली तक वैट लीजिंग के तहत चल रही करीब 30 वोल्वाे बसाें समेत करीब 75 बसें लॉन्ग रूटाें पर बंद कर दी जाएंगी। इसमें 17 एसी ट्रैवलर, 24 एसी अाैर अन्य डीलक्स बसें शामिल हैं। इससे जहां यात्रियाें काे अब दिक्कतें हाेंगी, वहीं एचअारटीसी काे भी नुकसान झेलना पड़ेगा। एचअारटीसी के एमडी युनूस से कुछ दिन पहले कर्मचारियाें का एक प्रतिनिधिमंडल मिला था। इस दाैरान भी उन्हाेंने कर्मचारियाें काे भी अाश्वासन दिया था कि वे वैट लीजिंग पर चल रही बसाें काे बंद कर देंगे।

इस तरह से चलाई थी वैट लीजिंग स्कीम

िजनके एमअाेयू खत्म,रिन्यू नहीं होंगेः एमडी

एचअारटीसी ने कमाई करने के लिए अाैर बसाें की कमी काे पूरा करने के लिए वैट लीजिंग स्कीम चलाई थी। इसमें बसें हायर की गई थी। इस स्कीम के तहत ड्राइवर बस मालिकाें की अाेर से रखे गए हैं, जबकि कंडक्टर एचअारटीसी ने तैनात किया है। बस की जाे भी कमाई हाेती है, वे एचअारटीसी के खाते में जाती है। जबकि बदले में मेंटनेंस का खर्च, तेल का खर्च अाैर कंडक्टर की सैलरी एचअारटीसी देती हैं। एेसे में इस स्कीम के तहत एचअारटीसी काे काेई फायदा नहीं हाे रहा था।

घाटे में चल रही हैं बसें, दिल्ली रूट पर एक साइड की कमाई 38 हजार, खर्च हो रहे 36 हजार रुपए, कंडक्टर का खर्च अलग

यहां समझें, कैसे हाे रहा घाटा एचअारटीसी की अाेर से शिमला से दिल्ली रूट के लिए वोल्वाे बस काे वैट लीजिंग पर फिक्स राशि 30 हजार की हुई है। एचअारटीसी काे 37 सीटर वोल्वाे बस में तेल का खर्च सहित करीब 36 हजार रुपए निजी बस मालिकाें काे देने पड़ रहे हैं। इसके अलावा रेगुलर कंडक्टर की सैलरी भी देनी पड़ती है। कुल मिलाकर अगर कमाई की बात करें ताे एक फेरे का 38 हजार बनता हैं। एेसे में साफ है कि एचअारटीसी काे कुछ नहीं बचता है। इसी तरह प्रदेश के अन्य रूटाें पर भी वैट लीजिंग के तहत बसें घाटे में चल रही हैं।


अपनी बसें खरीदें ताे चार महीने में हाे सकती हैं फ्री एचअारटीसी में अभी वोल्वाे बसें सबसे ज्यादा कमाई कर रही हैं। एक दिन में वोल्वाे बस की कमाई करीब 75 लाख हैं। निगम की एक दिन मेें करीब डेढ़ कराेड़ की कमाई हाेती है, जिनमें वोल्वाे बस की कमाई सबसे ज्यादा है। अब अगर एचअारटीसी अपनी वोल्वाे बसें चलाता है ताे चार महीने में उसे फ्री कर सकता है। क्याेंकि, टूरिस्ट सीजन में एचअारटीसी की वोल्वाे बसाें में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। एेसे में कमाई में वोल्वाे अन्य बसाें से अागे हैं।

बसें हटी ताे अभी काेई विकल्प नहीं एचअारटीसी प्रबंधन भले ही वैट लीजिंग स्कीम काे बंद कर रहा है, लेकिन अभी तक इसका काेई विकल्प नहीं तलाशा गया है। दावा किया जा रहा है कि इन बसाें काे हटाने के बाद इन रूटाें पर निगम अपनी बसें चलाएगा, लेकिन इन बसाें काे कब चलाया जाएगा अाैर कब इनकी खरीद हाेगी, अभी इसका काेई प्लान तैयार नहीं हुअा है।

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