--Advertisement--

अमेरिका में जॉब छोड़ भारत लौटा कपल, उनके अविष्कार से बच्चे बन रहे एजुकेटेड

गणित-विज्ञान पढ़ाने का ऐसा तरीका निकाला है, जिससे बच्चों को कुछ रटना न पड़े

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 03:59 AM IST
एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग करते स्कूली बच्चे। एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग करते स्कूली बच्चे।

धर्मशाला. भारतवंशी सरित शर्मा और संध्या गुप्ता अमेरिका में रह रहे थे। दोनों वहां पर रिसर्च कंपनी में काम कर रहे थे। देश के लिए कुछ करने की इच्छा थी तो जॉब छोड़ी और भारत लौट आए। अब भारत में दोनों बच्चों की पढ़ाई को क्रिएटिव अंदाज देने के लिए काम कर रहे हैं। सरित और संध्या ने मिलकर "आविष्कार' नाम का एक संगठन बनाया है, जो बच्चों को गणित और विज्ञान पढ़ाने के लिए ऐसे तरीके ईजाद कर रहा है, जिससे बच्चों को ये कठिन सब्जेक्ट रटने ना पढ़ें। पढ़ाई के ऐसे तरीके निकाले गए हैं, जिससे बच्चों को रेशनल नंबर, इंटीजर्स, गैस, लाइट, साउंड जैसे टॉपिक पढ़ाए नहीं जाते, बल्कि सिखाए जाते हैं। ऐसे आया आइडिया...

- 2009 में अमेरिका से लौटकर सरित और संध्या हिमाचल प्रदेश पहुंचे थे। यहां पालमपुर के कंडबाड़ी में उन्होंने अपनी बेटी का एडमिशन एक सरकारी स्कूल में कराया।

- संध्या भी कभी-कभी बेटी के साथ उसके स्कूल चली जातीं। उन्होंने महसूस किया कि गणित, विज्ञान जैसे विषय पढ़ने में बच्चों को काफी मुश्किल आती है।

- पढ़ाने का तरीका इतना परंपरागत है कि ये सब्जेक्ट बच्चों को बोरिंग लगने लगते हैं। इसलिए सरित और संध्या ने फैसला किया कि वो बच्चों की इस समस्या को दूर करने के लिए ही काम करेंगे।

इनकी मदद ली जाती है

- करीब 4 साल रिसर्च करने के बाद 2013 में दोनों ने अपने संगठन ‘अाविष्कार’ की नींव रखी।

- ये संगठन बच्चों को एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग कराता है। सरित और संध्या ने कुछ ऐसे प्रॉप्स (सामान) तैयार किए, जिसकी मदद से बच्चों को प्रैक्टिकल तरीके से गणित और विज्ञान के टॉपिक सिखाए जा सकें।

- बच्चों की जानकारी बढ़ाने के लिए डिब्बों में मॉडल, प्रयोग और दृश्य की मदद ली जाती है।

- बच्चे इनको छूकर और देखकर समझ सकते हैं कि गणित का कोई नियम कैसे बनता है या विज्ञान की रिएक्शन कैसे पूरी होती है।

4 साल में 10 हजार बच्चों को नए तरीके से पढ़ाई करा चुके

- अाविष्कार संगठन इस समय हिमाचल के 25 स्कूलों में काम कर रहा है। इनमें से ज्यादातर पालमपुर के आसपास के क्षेत्रों के हैं।

- अाविष्कार 4 साल में करीब 10 हजार बच्चों को एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग का अभ्यास करा चुका है।

- आविष्कार की टीम आस-पास के स्कूलों में जाकर भी एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग सिखाती है। शिक्षकों को भी टीचिंग के नए तरीके बताए जाते हैं।

X
एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग करते स्कूली बच्चे।एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग करते स्कूली बच्चे।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..