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37 की स्वीकृति, वो भी 2013 में खत्म फिर भी चल रहा 112 कमराें का होटल

मनाली के बाहणू पुल के पास एक होटल नियमों को ताक पर रख कर चलाया जा रहा है।

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 03:53 AM IST

कुल्लू. पर्यटन नगरी मनाली में एक होटल के संचालन में बड़ा घालमेल सामने आया है और एनजीटी ने इस मामले में भी कड़ा संज्ञान लिया है। मनाली के बाहणू पुल के पास एक होटल नियमों को ताक पर रख कर चलाया जा रहा है। इस होटल के संचालन के लिए न तो टीसीपी विभाग से नक्शा पास हुआ है और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी ली गई है। लिहाजा, इस होटल को अवैध रूप से चलाया जा रहा है। मामला एनजीटी की बैंच में पहुंच गया है। जिसमें खुलासा हुआ है कि इस होटल के संचालन के लिए 37 कमरों की अनुमति ली गई थी जिसकी वैद्यता भी 2013 में समाप्त हो गई लेकिन उसके बावजूद भी 112 कमरों के होटल का संचालन अवैध तरीके से किया जा रहा है। होटल संचालक ने एक दस्तावेज एनजीटी में पेश किया है जिसके जरिए वह 112 कमरों के होटल को चलाने की अनुमति का दावा कर रहा है। इस दस्तावेज पर एनजीटी ने संदेह व्यक्त करते हुए दस्तावेज को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया है।


अजय मरवाह स्टेंडिंग काउंसिल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हिमाचल प्रदेश ने बताया कि होटल संचालक ने जो 37 कमरों का होटल संचालन करने के लिए अनुमति ली थी इसकी वैद्यता 2013 में समाप्त हो चुकी है। उसके बाद उसे रिन्यू नहीं किया गया। लेकिन उसके बाद संचालक 112 कमरों के होटल का संचालन अवैध तरीके से कर रहा है। जबकि 112 कमरे के होटल को संचालित करने के लिए जो अनुमति टीसीपी विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आवेदन किया था वह प्रपोजल 2012 में ही रिजेक्ट हो चुकी थी लेकिन संचालक ने होटल का संचालन बंद करने के बजाए 112 कमरों के होटल को नियमों को ताक पर रखकर चलाए रखा।

सालों से चल रहा है होटल
यह होटल अवैध रूप से पिछले करीब तीन चार सालों से चल रहा है। होटल संचालन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति तक नहीं ली गई है। बताया जा रहा है कि यह होटल पिछले कुछ सालों में आगे से आगे बेचा जा रहा है। जिसके चलते होटल संचालन करने वाले नियमों को ताक पर रखकर होटल का संचालन कर रहे हैं।

कार्रवाई की तलवार लटकी

नियमों को ताक पर चलाए जा रहे इस होटल पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है। फिलहाल एनजीटी में मामला विचाराधीन चल रहा है। बताया जा रहा है कि जिस तरह से होटल संचालन में भारी घालमेल चल रहा है उससे एनजीटी इस मसले में बड़ी कार्रवाई के आदेश दे सकती है। ऐसे में उक्त होटल मालिक भी अवैध होटल संचालन के मामले में घिरता हुआ दिखाई दे रहा है।