--Advertisement--

आईएसबीटी के पास खड़ी बस में लगी आग, ड्राइवर-कंडक्टर ने लगाई छलांग

एक बस में अचानक आग लग गई

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 08:21 AM IST

रामपुर बुशहर. जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी दीनू चंद को दस साल का कठोर कारावास और 15 हजार रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा करने एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर ने मंगलवार को यह सजा सुनाई है।

- शिमला जिले के रामपुर तहसील निवासी और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के रिकांगपिओ कार्यालय में तैनात नाबालिग के पिता ने रिकांगपिओ पुलिस थाना में लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी बेटी अपने सहपाठियों के साथ गत 2 अगस्त 2014 को रिकांगपिओ बचत भवन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गई थी। उसकी बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ रही थी।

- कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद यह बेटी वापस नहीं लौटी और छानबीन करने के बाद पता चला कि स्कूल बस के चालक चालक दीनू चंद ने उसका अपहरण कर कई बार दुष्कर्म किया। दुष्कर्म करने के साथ ही स्कूल बस चालक ने उसे शादी करने का झांसा भी दिया।

- पुलिस ने लड़की के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पोकसो एक्ट तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। इसके बाद गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर चालक दीनू चंद को दोषी ठहराया गया।

- जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत दोषी को तीन साल का साधारण कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माना किया है। जुर्माना अदा करने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं भादंसं की धारा 366 के तहत चार साल की साधारण कैद और सात हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।

- जुर्माना अदा करने पर चार माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। दोषी के खिलाफ भादंसं की धारा 376(2) के तहत दस साल का कठोर कारावास और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा की गई है। इस मामले में जिला न्यायवादी किन्नौर सुरेश हेटा ने पैरवी की।